झारखंड हाईकोर्ट ने JVM विधायक प्रदीप यादव की अग्रिम ज़मानत याचिका की ख़ारिज

RANCHI : यौ’न शोष’ण मामले में झारखंड विकास मोर्चा के विधायक प्रदीप यादव को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमा’नत याचिका को खारिज कर दिया है। ऐसे में अब प्रदीप यादव को या तो सरेंडर करना होगा या फिर पुलिस उन्हें कभी भी गिर’फ्तार कर सकती है।

आपको बता दें कि अपनी ही पार्टी की एक महिला नेता ने लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदीप यादव पर यौ’न शोष’ण करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। इस मामले में विधायक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए देवघर कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन देवघर कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस की पहल पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था।

दो मई को महिला ने दर्ज कराया था यौ’न उत्पी’ड़न का मामला-

जेवीएम की एक महिला कार्यकर्ता द्वारा प्रदीप यादव पर बीते 20 अप्रैल को होटल शिव सृष्टि पैलेस में बुलाकर छे’ड़छाड़ करने का आ’रोप लगाया गया था। दो मई को एक महिला ने साइबर था’ना में यौ’न उत्पी’ड़न का के’स दर्ज कराया था। प्रदीप यादव ने 29 मई को झाविमो के प्रधान महासचिव पद से इस्तीफा दिया था क्योंकि खुद पार्टी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने उनसे इस्तीफ़ा देने को कहा था और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था।

वहीं अपने ऊपर लगे आरोप को खारिज करते हुए प्रदीप यादव का कहना है कि राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। उन्होंने पूरे प्रकरण पर उच्चस्तरीय और निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग की। प्रदीप यादव का मानना है कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे उन्हें फंसा रहे हैं। बता दें कि प्रदीप यादव इस बार महागठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर गोड्डा सीट से लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन बीजेपी के निशिकांत दुबे से हार गये थे। प्रदीप यादव अभी पोड़ैयाहाट से विधायक हैं।