सरकार को जन विरोधी बताकर विपक्ष ने रघुवर सरकार को घेरा, सदन की कार्यवाही स्थगित

RANCHI: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी सदन की कार्यवाही पूरी तरह बाधित रही। झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों ने वनाधिकार कानून में संशोधन के मुद्दे पर सरकार को घेरा। इनका कहना है कि वनाधिकार कानून में संशोधन करने से आदिवासियों का अधिकार छीन जायेगा। आदिवासी विधायकों का कहना है कि वनाधिकार कानून के जरिये सरकार ग्राम सभाओं की अहमियत को नकार दिया है।

इसके बाद विपक्ष ने सदन में कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया लेकिन स्पीकर ने इसे खा’रिज कर दिया। हालांकि लगातार हो रहे हंगा’मों को देखते हुए स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया। सदन के बाहर कांग्रेस नेताओं ने सरना धर्मकोड को जनगणना में शामिल करने की बात कही और सरकार को जनवि’रोधी बताया।

JHARKHAND VIDHANSABHA
मानसून सत्र 22 जुलाई से हो चुकी है शुरु

झारखंड में विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत 22 जुलाई से हो चुकी है लेकिन सदन में कोई विशेष कामकाज नहीं हो सका क्योंकि विपक्ष ने राज्य में गिरती स्थिति पर सरकार को पुरजोर घेरने की कोशिश की। इससे सदन की कार्यवाही बाधित हो हुई। इतना ही नहीं, विपक्ष छोटे मानसून सत्र के प्रति अपनी नाराजगी भी जताया। कांग्रेस सहित कई विपक्षियों का कहना है कि सरकार चर्चा से बचने के लिए कम दिनों का मानसून सत्र आयोजित कर रही है। विपक्ष ने राज्य में मॉ’ब लिं’चिं’ग, अप’रा’ध, ब’ला’त्का’र, सूखे, बेरोजगारी जैसे मुद्दे पर बारी बारी से सरकार को घेरना शुरु कर दिया है।

यह चौथी विधानसभा का यह अंतिम सत्र है। इसके बाद सभी विधायकों को चुनावी तैयारी में जुटना होगा। दिसम्बर 2014 में गठित इस विधानसभा का कार्यकाल दिसम्बर 2019 में समाप्त हो जाएगा। गौरतलब है कि पिछले कई सत्रों में भी हंगामे के कारण काम नहीं हुए।