जीतनराम मांझी ने नीतीश पर साधा निशाना,कहा-बिहार में कानून व्यवस्था ध्वस्त ,लगे राष्ट्रपति शासन

PATNA : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने बिहार की नीतीश सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहाकि राज्य में कानून व्यवस्था समाप्त हो गयी है।आये दिन लू’ट, ह’त्या, बला’त्कार जैसी वारदातें हो रही हैं। अप’राधी निर्विघ्न होकर घूम रहे हैं। किसी भी अ’पराधी के अंदर कानून और सरकार का डर नहीं है। इसीलिए मांझी ने राष्ट्रपति महोदय से बिहार में तुरंत राष्ट्रपति शासन लगाने की अपील की है।

जीतनराम मांझी ने प्रदेश की NDA सरकार पर आरोप लगाया कि पूरा बिहार दो खेमों में बंटा हुआ है। एक खेमा भाजपा का और दूसरा खेमा जदयू का है। दोनों में आपसी मेल और सहमति नहीं है और इसी का फायदा गुं’डे और अप’राधी उठाते हैं। जीतनराम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार को भाजपा का साथ छोड़कर महागठबंधन का साथ देना चाहिए।जीतनराम मांझी ने कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति चिंताजनक है और CM नीतीश से शासन संभल नहीं रहा है । ऐसे में बिहार की बेहतरी के लिए केंद्र सरकार प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए।

कौन हैं जीतनराम मांझी –

जीतन राम मांझी भारतीय राजनेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। वो राजनीतिक पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के नेता के तौर पर तेइसवें मुख्यमंत्री रहे। जीतन राम मांझी बिहार में दलित समुदाय के पहले मुख्यमंत्री रहे। २० फरवरी 2015 को उन्होनें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया। मांझी की पत्नी का नाम शान्ति देवी है जिनसे उनके दो पुत्र एवं पाँच पुत्रियां हैं। मांझी का जन्म बिहार राज्य के गया जिले की खिजरसराय के महकार गाँव में हुआ। उनके पिता का नाम रामजीत राम मांझी है जो खेतिहर मजदूर थे। उन्होंने गया महाविद्यालय से १९६६ में स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त की। वो महा दलित मुसहर समुदाय से हैं।[8] १९६६ में उन्होंने लिपिक की नौकरी करना आरम्भ किया और १९८० में नौकरी छोड़ दी।