JNU के डिप्टी VC ने हिं-सा को बताया सर्जि-कल स्ट्रा-इक, कहा-हम लोग सच में ड-र गए थे

Patna : जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU). यहां 5 जनवरी को हिं/सा हुई. नका/बपोशों ने छात्रों और टीचर्स पर ह/मला किया. 34 स्टूडेंट घा/यल हुए. अब यूनिवर्सिटी के रेक्टर (डिप्टी वीसी) चिंतामणि महापात्रा ने इस हिं/सा को सर्जिकल स्ट्राइक बताया है. उन्होंने कहा कि ह/मला करने वाले सभी न/काबपोश बाहर से आए थे. मुझे भी कुछ वक्त के लिए डर लगा. शिक्षक और अधिकारी भी चिंतित हैं.

5 जनवरी की शाम JNU में हिं/सा हुई. कैंपस के अंदर घुस आए न/काबपोशों ने हाथों में स/रिया, हॉ/की स्टि/क, डं/डे और ह/थौड़े लेकर छात्रों और शिक्षकों पर ह/मला किया. करीब तीन घंटे तक ये हिं/सा चली. हम/लावरों ने हॉस्टलों के अंदर घुसकर स्टू़डेंट्स को मा/रा. कई स्टूडेंट्स ल/हुलूहा/न हो गए. कइयों के सि/र फू/टे. 34 चो/टिल लोग हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे, जिन्हें 6 जनवरी को डिस्चार्ज किया गया.

इसके बाद JNU छात्रसंघ ने बयान जारी किया, हिं/सा के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को जिम्मेदार ठहराया. उधर ABVP इन इल्ज़ामों को साफ तौर पर खारिज कर रही है. उसका कहना है कि ये ह/मला लेफ्ट संगठनों ने किया था.

दिल्ली पुलिस की जॉइंट कमिश्नर शालिनी सिंह ने बताया, हमने सभी स्पॉट का दौरा किया है और जेएनयू में छात्रों के साथ बातचीत की है. जांच अपने प्रारंभिक चरण में है. छात्रों ने हमें कुछ जानकारी दी है.

JNU हिं/सा मामले में अभी तक किसी की गि/रफ्तारी नहीं हुई है.