RLSP के आरोपों के बाद बिहार में चढ़ा सियासी पारा, सत्तारूढ़ जेडीयू-बीजेपी ने दिया जवाब

PATNA:बिहार सरकार में समाज कल्याण विभाग पर उपेंद्र कुशवाहा ने धांधली का आरोप लगाया है। जिसके बाद बिहार में सत्तारूढ़ जेडीयू-बीजेपी और आरएलएसपी में जुबानी जंग तेज़ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता अजीत चौधरी ने कहा है कि, उपेंद्र कुशवाहा राजनैतिक जमीन खो चुके हैं और अब वो अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

अजीत चौधरी ने कहा कि जिस तरह से राजद और कांग्रेस के नेता चुनाव हारने के बाद गुम हो गए हैं, उससे लगता है कि बिहार में विपक्ष दलों की कमान उपेंद्र कुशवाहा ने संभाल रखी है। हालांकि कुशवाहा के आरोपों में सच्चाई नहीं है। दूसरी ओर जनता दल यूनाइटेड ने बिहार सरकार और समाज कल्याण विभाग का बचाव किया है। पार्टी प्रवक्ता डॉक्टर सुनील ने कहा है कि जेम पोर्टल के माध्यम से मोबाइल की खरीददारी हुई है और किसी भी तरह की धांधली का सवाल ही नहीं है। कुशवाहा बिहार सरकार पर भ्रष्टाचार के निराधार आरोप लगा रहे हैं।

उपेंद्र कुशवाहा

क्या है मामला ?

उपेंद्र कुशवाहा ने कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और इसमें उन्होंने कहा था कि समाज कल्याण विभाग ने 33 हजार 914 स्मार्टफोन खरीदे और इसके लिए 31 करोड़ 4 लाख 14 हजार 42 रुपये का भुगतान किया गया, यानि एक मोबाइल पर 9 हजार 153 रूपये का भुगतान किया। बाजार में इस वक्त ऐसे स्मार्टफोन की कीमत करीब 7 हजार रूपए हैं। कुशवाहा के मुताबिक, बाजार दर से 6 करोड़ 78 लाख 28 हजार रुपये का ज्यादा का भुगतान समाज कल्याण विभाग ने किया। राष्ट्रीय जनता दल विधायक रामानुज ने उपेंद्र कुशवाहा के बयान का समर्थन किया है और कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। फिलहाल  विपक्ष के इन आरोपों से बिहार की सियासत फिर से गरमा गयी है।