लीची नहीं कुपोषण के कारण म’र रहे हैं बच्चे,लोगों को नहीं मिल रही है पर्याप्त कैलोरी-कन्हैया कुमार

PATNA: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और खुद को बेगूसराय का बेटा कहने वाले कन्हैया कुमार, चमकी बुखार पीड़ितों से मिलने के लिए मुजफ्फरपुर पहुंच चुके हैं। उन्होंने मीडिया को चमकी बुखार से म’र रहे बच्चों की मौ’त के मुद्दे उठाने के लिए सराहना की। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य अस्पताल आकर फोटो खीचवाकर और मीडिया को बाइट देकर, फिर अपने घर चले जाना नहीं है।

हमें शारीरिक रुप से मेहनत करने की जरुरत है

चमकी बुखार की महामारी के प्रति हमें शारीरिक रुप से मेहनत करने की जरुरत है, इसलिए हमलोग मिलकर लोगों को जागरुक करेंगे और म’र रहे बच्चों को बचाने की कोशिश करेंगे। मीडिया के जरिये लोगों से आह्वान करते हुए कन्हैया ने कहा कि आप कहीं के भी हो, चमकी बुखार पीड़ितों की सहायता कर सकते हैं। हमलोग मिलकर उनकी सहायता करने के लिए तैयार हैं।

भारत स्वास्थ्य पर श्रीलंका और बंग्लादेश से भी कम खर्च करता है
कुपोषण

कन्हैया कुमार ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सुविधाओं की काफी कमी है। 2002 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की घोषणा की गयी, लेकिन 2017 में लागू हो सका। सरकार 2002 में ही बोली थी कि स्वास्थ्य पर जीडीपी का 2 प्रतिशत रुपया खर्च किया जायेगा, लेकिन आजतक ऐसा नहीं हो सका। श्रीलंका और बंग्लादेश, अपने जीडीपी का जितना प्रतिशत धन स्वास्थ्य पर खर्च करता है, उतना प्रतिशत भी भारत नहीं करता है। सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था से पीछे भाग रही है, इसलिए तो हमारे देश में 70 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाएं निजी क्षेत्रों के द्वारा मुहैया कराया जाता है।

सरकार अपनी कमियों को छुपाने की कोशिश रही है और लीची को चमकी बुखार से हो रही मौतों की वजह बता रही है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने भी स्वीकारा है कि मौत की वजह कुपोषण है। सरकार पोषण योजनाओं की कमियों को छुपाना चाहती है। इतना ही नहीं, जब पिछले कई सालों से यह बीमारी अपना पैर पसार रही है तो सरकार ने अबतक क्यों नहीं कोई उचित कदम उठायी है?