पटना के फुलवारीशरीफ में किया गया 201वां खप्पड़ पूजा का आयोजन, 70 हजार भक्तों ने किये दर्शन

PATNA: सावन के महीने में सोमवार का काफी महत्व माना जाता है। इस दिन शिव भक्तों द्वारा भोलेनाथ के लिए विशेष पूजा-पाठ किया जाता है। इस दिन हर ओर हर-हर महादेव की गूंज सुनाई देती है। आज सावन का अंतिम सोमवार है। शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई देने लगी है। वहीं सावन के महीने में पटना में एक अनोखा आयोजन होता है।

रविवार को पटना के फुलवारीशरीफ स्थित देवी स्थान काली मंदिर में ऐतिहासिक माता की डाली निकाली गई। बता दें इस पूजा को खप्पड़ पूजा भी कहते है। इस बार इस पूजा का यह 201वां वर्ष था। इस पूजा में मंदिर के पुजारी खप्पर में हवन की अग्नि लेकर शहर की परिक्रमा करने के लिए निकलते हैं। वहीँ इस दौरान पुजारी के पीछे-पीछे हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ माता के जयकारे लगते हुए परिक्रमा में शामिल होती है।

इस विशेष पूजा में माता के भक्त अपने हाथों में पारंपरिक हथियार भाला, लाठी, त्रिशूल, तलवार लिए रहते हैं। लगभग डेढ़ किलोमीटर तक नगर भ्रमण के बाद खप्पर की परिक्रमा मंदिर परसर में आकर संपन्न होती है।

इस पूजा के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा भी इंतज़ाम किये गए थे। फुलवारीशरीफ DSP संजय पांडे ने बताया कि पूजा को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई थी। परिक्रमा पूजा शुरू होने से पहले ही पटना की ओर आने-जाने वाले सभी वाहनों को सुरक्षा के नजरिए से दो किलोमीटर पहले ही रोक लगा कर उनका रुट डायवर्ट कर दिया गया था।