चुनाव लडूं या ना लडूं, स्टार प्रचारक के तौर पर पार्टी के लिए करूँगा काम – कीर्ति आज़ाद

PATNA : भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में आने के बाद टिकट के लिए तरसे कीर्ति आज़ाद (Kirti Azad) ने अब कहा है कि मैं कहीं से भी चुनाव लड़ने को तैयार हूँ। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अभी किसी सीट को लेकर फैसला नहीं हुआ है लेकिन अगर मैं चुनाव लडूं या न लडूं, स्टार प्रचाराक्के तौर पर पार्टी के लिए कम करते रहूँगा। उन्होंने कहा कि मैं बिना शर्त कांग्रेस में आया था। हालाँकि दरभंगा से न लड़ पाने का गम तो है लेकिन चुनाव न लड़ने से ऐसा नहीं है कि मेरे घर में चूल्हा जलना बंद हो जाएगा। 

सीट बंटवारे में दरभंगा. मधुबनी सीट कांग्रेस के पास न आ पाने पर उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने सब सोच विचार कर सीटों का बंटवारा किया गया है। चुनाव लड़ना ही सब कुछ नहीं है। मैं कहीं से भी चुनाव लड़ने को तैयार हूँ। हालाँकि अभी ये फैसला नहीं हुआ है कि कहाँ से लडूंगा। वाल्मीकिनगर और धनबाद से चुनाव लड़ने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि ये बातें उन्हें मीडिया से सुनने को मिल रही है। पार्टी ने अभी कोई फैसला नहीं किया है।

Quaint Media, Quaint Media consultant pvt ltd, Quaint Media archives, Quaint Media pvt ltd archives Live Bihar, Live Bihar, Live India

एक महीने पहले ही कीर्ति आज़ाद कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में आये थे तो कयास लगाये गए थे कि वो दरभंगा से ही उम्मीदवार बनेंगे लेकिन सीट बंटवारे में दरभंगा सीट राजद के पास चली गई और उसने अब्दुल बारी सिद्दीकी को उम्मीदवार भी घोषित कर दिया। कांग्रेस ने कोशिश तो बहुत की कि दरभंगा उसके हिस्से में आये लेकिन ऐसा हो न सका। फिर चर्चा चली की उन्हें बेतिया से उतारा जा सकता है लेकिन वो सीट भी रालोसपा के पास चली गई। 1980 तक दरभंगा कांग्रेस का गढ़ था लेकिन उसके बाद भाजपा और राजद के बीच यहाँ मुकाबला होता आया है। भाजपा के टिकट पर कीर्ति आज़ाद तीन बार दरभंगा के संसद रह चुके हैं।