पद्मश्री राज कुमारी देवी का नाम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को था याद, पूछे- कैसी हैं किसान चाची

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Patna: बिहार की 55 साल की राजकुमारी देवी उर्फ किसान चाची ने अपनी एक अलग और खास पहचान बनाई है। यही वजह है कि राष्ट्रपति भवन में अवार्ड वितरण के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड अंतर्गत आनंदपुर गांव की राजकुमारी देवी उर्फ किसान चाची का नाम याद था।

दरसल पद्मश्री सम्मान लेने के लिए इनके मंच पर पहुंचते ही राष्ट्रपति ने पूछा- कैसी हैं किसान चाची? इन्होंने राष्ट्रपति को नमस्कार किया। फिर जब राष्ट्रपति ने पद्मश्री सम्मान दिया तो वह खुशी से गद्गद् हो उठीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कई प्रमुख मंत्रियों की उपस्थिति में किसान चाची को राष्ट्रपति ने पद्मश्री सम्मान दिया। शाम में इन्हें कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के आवास पर आमंत्रित किया गया था। तो वहीं से टेलीफोन पर हुई वार्ता में किसान चाची ने दैनिक भास्कर से कहा कि कभी सोची न थी कि राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री जैसा सम्मान मिलेगा। वह क्षण वाकई मेरे लिए अद्भुत था, जब मैं राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री अवार्ड ले रही थी और देशभर में लोग इसे देख रहे थे। कहा- यह सम्मान सिर्फ किसान चाची का नहीं, बल्कि उनके माध्यम से देश की सभी महिलाओं को मिला है।

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दुनिया ने देखा कि बिहार की महिला भी किस तरह खेती में दिलचस्पी रखती है। राजकुमारी देवी ने कहा कि संघर्ष के दौर में जब 2007 में किसानश्री सम्मान मिला तो लगा था बहुत बड़ा पुरस्कार मिल गया। फिर दोगुने उत्साह से खेती व कृषि उत्पादों के व्यवसाय में जुट गई थी। गांव व क्षेत्र की महिलाओं में कृषि क्रांति का अलख जगाती रही। राज्य व देश स्तर के किसान मेलों में जाकर अपने परिश्रम, तकनीक व उपलब्धियां बता महिलाओं को प्रेरित करती रही। संभवत: उसी का परिणाम है कि छोटे से गांव में किसान चाची नाम से प्रसिद्ध होते-होते आज राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिला है। बोलीं- छोटे से गांव से निकल महानायक अमिताभ बच्चन के सामने जाने में काफी असहज लगा था। पूर्व में बिहार में राज्यपाल रहने के कारण राष्ट्रपति को किसान चाची याद थी। तभी उन्होंने पूछा- किसान चाची कैसी हैं आप। समारोह में इनके पति अवधेश चौधरी, पुत्र अमरेश कुमार गांव व दिल्ली के 8 अन्य लोग साथ पहुंचे थे।