कुशवाहा बोले ‘मोदी हैं तो मुमकिन है’ तो बच्चों की जा’न बचाना क्यों मुमकिन नहीं है ?

PATNA : बिहार में चमकी बु’खार से लगातार हो रही मौ’तों पर नेता जमकर राजनीति कर रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने भी मासूम बच्चों की मौ’त पर आज सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने भाजपा के नारे पर तं’ज कसते हुए कहा कि ‘मोदी हैं तो सब मुमकिन है’ कहने वाली भाजपा बताये, कि तो फिर बच्चों की जा’न बचाना क्यों मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछली बार से कुछ सबक नहीं सीखा है।

आपको बता दें कि पिछली NDA सरकार में उपेंद्र कुशवाहा भी स्वास्थ्य राज्य मंत्री थे। इसीलिए लोग पूछ रहे हैं कि उन्होंने चमकी बुखार से बचने के लिए क्या किया था ? अब उपेंद्र कुशवाहा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन की आलोचना करते हुए कहते हैं कि वो पांच साल पहले भी रिसर्च सेंटर बनवाने की बात कर रहे थे पर तब कुशवाहा भी उसी सरकार में राज्य मंत्री थे और उन्होंने भी कुछ नहीं किया था। कुशवाहा ने कहा कि उन्होने AES  से बचाव के लिये केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था लेकिन उस उस पर कुछ नहीं हुआ।

10 सालों में 485 से अधिक बच्चों की मौ’त-

आंकड़ों के मुताबिक पिछले 10 सालों के दौरान उत्तर बिहार के 485 से अधिक बच्चों की मौ’त AES से हो गई है। वर्ष 2012 व 2014 में भी कई मासूम बच्चों की जा’न गयी थी तब बेहतर इलाज के साथ बच्चों को यहां से दिल्ली ले जाने के लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था करने का वादा भी किया गया था । मगर, पिछले दो-तीन वर्षों में बीमारी का असर कम होने पर यह वादा हवा-हवाई ही रह गया। लेकिन इस वर्ष बीमारी अपना रौ’द्र रूप दिखा रही है। इस साल तो मौ’त का आंकड़ा 10 सालों में सर्वाधिक हो गया है। इस साल अब तक लगभग 143 लोगों की मौ’त हो चुकी है।