लालू जिस पटना विश्वविद्यालय से राजनीति के शिखर पर पहुंचे वहां छात्र राजद का खाता तक नहीं खुला

PATNA : पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव का परिणाम आ चुका है। जदयू और अखिला भारतीय विद्यार्थी पार्टी ने इस साल विजय परचम लहराया है। वहीं छात्र राजद इस चुनाव में एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई। बताया जाता है कि छात्र राजद का कमान लालू प्रसाद ने अपने बड़े पुत्र तेजप्रताप को सौंप रखा है। इन दिनों तेजप्रताप अपनी पत्नी ऐश्वर्या से तलाक लेने के लिए अड़े हुए हैं। इस विवाद के कारण वो लगभग एक महीने तक पटना से बाहर रहे। इसका खमियाजा छात्र राजद को भूगतना पड़ा।

लालू प्रसाद रह चुके हैं पटना विश्वविद्यालय के अध्यक्ष : राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव ने पटना विश्वविद्यालय से अपने राजनीति कैरियर की शुरुआत की। अध्यक्ष पद पर आसीन होने के बाद वह बिहार के मुख्यमंत्री बने फिर बाद में रेल मंत्री बने। जानकारी अनुसार पटना यूनिवर्सिटी से वकालत की पढ़ाई करते हुए पटना यूनिवर्सिटी स्टुडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष बने। 1973 में फिर छात्र संघ चुनाव लड़ने के लिए पटना लॉ कॉलेज में दाखिला लिया, और जीते। फिर जेपी आंदोलन से जुड़े और छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष बनाए गए। 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर लोक सभा चुनाव जीते। 29 साल के लालू यादव सबसे युवा सांसदों में से एक बने। 1990-97 के बीच लालू बिहार के मुख्यमंत्री रहे, लालू यादव यूपीए सरकार में 2004-09 तक रेल मंत्री भी रहे। फ़िलहाल वो राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

mohit prakash

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में छात्र JDU ने मारी बाजी, मोहित बने अध्यक्ष : छात्र जदयू के मोहित प्रकाश पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ (पुसु) के अध्यक्ष बन गए हैं। वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के अभिनव कुमार से 1000 से अधिक वोटों से आगे रहे। एबीवीपी की अंजना सिंह उपाध्यक्ष और मणिकांत मणि महासचिव पद पर विजयी रहे। छात्र जदयू के कुमार सत्यम कोषाध्यक्ष पद पर 200 मतों से विजयी रहे। एबीवीपी के राजा रवि संयुक्त सचिव बने हैं। वे छात्र जदयू के निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 600 से अधिक मतों से आगे रहे। अहले सुबह 3:30 बजे चुनाव के नतीजे सामने आए।

इस तरह सेंट्रल पैनल के दो पदों पर छात्र जदयू और तीन पदों पर एबीवीपी के उम्मीदवार विजयी रहे। वाम दल, छात्र राजद, जन अधिकार छात्र परिषद का एक भी प्रत्याशी सेंट्रल पैनल में नहीं आ पाया। इसके पहले रात 11 बजे काउंसलरों के चुनाव परिणाम की घोषणा कर दी गई। पटना विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और विभागों के 24 काउंसलरों में सर्वाधिक आठ पर निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। एबीवीपी और आइसा ने तीन-तीन, जन अधिकार छात्र परिषद और छात्र लोजपा ने दो-दो एवं एआइएसएफ और एनएसयूआइ ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की। इसके पूर्व कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ बजे से छात्रसंघ चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हुई, जो दोपहर बाद दो बजे तक चला था।

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