महागठबंधन में तकरार, रंजीता रंजन और लवली आनंद समेत कई नेता चाहते हैं अकेले लड़े कांग्रेस

PATNA : बिहार मे महागठबंधन टूटने के कगार पर पहुँच गया है। सीट बंटवारे में झुकने के बाद सीटों के चयन में भी राजद की मनमानी से प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व नाराज हैं। दिल्ली में बिहार कांग्रेस के नेताओं की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से मीटिंग चल रही है उधर बिहार में कांग्रेस के नेता महागठबंधन तोड़ने की वकालत कर रहे हैं। लवली आनंद और सुपौल से सांसद रंजीता रंजन ने कहा है कि हम अकेले लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। रंजीता रंजन ने का कि कांग्रेस में ताकत है कि वो अकेले लड़ सकती है। जबकि लवली आनंद ने कहा कि महागठबंधन में हमें नुक्सान हुआ है। पहले तो हमें कम सीटें दी गई और फिर हमारी सीटिंग सीट पर भी आपत्ति जताई जा रही है। लवली आनंद ने कहा कि हम फ्रंटफुट पर खेलने के लिए कांग्रेस में आये हैं, बैकफुट पर नहीं। कांग्रेस को कड़े निर्णय लेने चाहिए, कार्यकर्ता पार्टी के साथ हैं। लवली आनंद शिवहर से कांग्रेस की संभावित उम्मीदवार हैं लेकिन उनकी भी सीट पर पेंच फंसा हुआ है। 

आज शाम को पटना में महागठबंधन की प्रेस कांफ्रेंस होनी थी लेकिन उससे पहले ही राजद न दरभंगा से अब्दुल बारी सिद्धीकी को टिकट दे दिया। हालाँकि औपचारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन जी न्यूज बिहार के हवाले से खबर आ रही है कि अब्दुल बारी सिद्धीकी को पार्टी का सिम्बल दे दिया गया ही। दरभंगा सीट कांग्रेस और राजद के लिए नाक की लड़ाई बनी हुई थी। कांग्रेस कीर्ति आज़ाद को उम्मीदवार बनाना  चाहती थी। दरभंगा के अलावा सुपौल, मधुबनी, औरंगाबाद और शिवहर सीट पर भी दोनों दलों में तनाव चरम पर था। सुपौल से मौजूदा सांसद रंजीता रंजन को टिकट दिए जाने का राजद विरोध कर रही है जबकि शिवहर पर कांग्रेस की तरफ से लवली आनंद दावेदार हैं। औरंगाबाद सीट प[अहले ही हम पार्टी के खाते में  जा चुकी है।

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दिल्ली में बिहार कांग्रेस की मीटिंग राहुल गाँधी के साथ चल रही है। इधर बिहार में तेजस्वी यादव ने आज की अपनी रैलियां कैंसल कर दी और जीतन राम मांझी गया में चुनाव प्रचार छोड़ कर पटना लौट रहे हैं। उपेन्द्र कुशवाहा की भी तेजस्वी यादव से मुलाक़ात होनी है। बढ़ते तनाव के बीच शत्रुघ्न सिन्हा की आज कांग्रेस में शामिल होने का कार्यक्रम टल गया।