सैनिक तो रोज मरते हैं लेकिन ऐतिहासिक रैलियां रोज रोज थोड़े ही न होती है

PATNA : आज पटना के गांधी मैदान में एनडीए की रैली थी जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र, मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान सभी एक साथ एक मंच पर थे।एनडीए के सभी सांसद, विधायक, मंत्री गाँधी मैदान में जुटे थे। सुबह से भाग दौड़ में लगे थे कि कहीं रैली में कोई कमी ना रह जाए। लेकिन एयरपोर्ट पर एक शहीद को श्रद्धांजली देने की फुर्सत किसी नेता, सांसद, विधायक, मंत्री महोदय को नहीं मिली। 

बेगुसराय के रहने वाले CRPF जवान पिंटू कुमार कश्मीर में आ’तंकियों से लोहा लेते शहीद हो गए। आज रविवार 3 मार्च को उनका पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पर पहुंचा लेकिन वहां न तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपस्थित थे,  न उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और न ही सरकार का कोई प्रतिनिधि ही श्रद्धांजलि देने के लिए उपस्थित था। ज्यादा दिन नहीं हुए पुलवामा ह’मले के। 40 जवानों के शहीद होने की खबर से पुरे देश में आक्रोश था और छोटे से छोटे नेता से लेकर बड़े से बड़े मंत्री तक तिरंगे के साथ और श्रद्धांजलि देते हुए अपनी बड़ी बड़ी तस्वीरें ट्वीटर पर शेयर कर रहे थे और शहीद के अंतिम दर्शन करते खुद को धन्य मान रहे थे लेकिन आज किसी के पास इस शहीद को श्रद्धांजलि देने का वक़्त नहीं था। वक़्त मिलता भी कैसे? सैनिक तो रोज मरते हैं लेकिन ऐतिहासिक  रैलियां रोज रोज थोड़े ही न होती है।

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इस घटना से शहीद पिंटू कुमार के भाई मिथलेश कुमार का दिल टूट गया। उन्होंने दुःख जताते हुए कहा कि शहादत से ज्यादा महत्वपूर्ण रैली थी। इससे साबित होता है कि सरकार शहीदों की कितनी बड़ी हमदर्द है। उन्होंने कहा कि मरने वाला तो मर गया। रैली ज्यादा जरूरी है, शहीद को तो बाद में भी देखा जा सकता है। मंत्री जी का क्या है। उन्हें तो बस अपनी कुर्सी बचानी है। गौरतलब है कि रैली के लिए पूरा एनडीए, मंत्री, सांसद, विधायक सब पटना में ही थे लेकिन शहीद के लिए किसी को फुर्सत नहीं थी।