हिंदी दिवस पर LJP की बड़ी मांग, देश की सभी अदालतों में अंग्रेजी की अनिवार्यता हो खत्‍म

PATNA : आज देश में हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। लोजपा ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट समेत देश की सभी अदालतों में अंग्रेजी की अनिवार्यता को खत्‍म कर हिन्‍दी का प्रयोग शुरू जाये। अपने ट्वीट में लोजपा सांसद चिराग पासवान ने मांग की है कि अंग्रेजी की अनिवार्यता को खत्‍म कर हिन्‍दी और अन्‍य भारतीय भाषाओं के प्रयोग करने हेतु तत्‍काल प्रावधान किए जाये।

चिराग पासवान ने कहा कि यह दुख की बात है की आज़ादी के 72 साल के बाद भी राजकीय कार्य में हिन्दी भाषा और अन्‍य भारतीय भाषा का उपयोग नगण्य है। चार उच्च न्यायलय (बिहार, उत्‍तर प्रदेश, राजस्थान, मध्‍य प्रदेश) को छोड़कर अन्य सभी उच्च न्यायलयों में हिन्दी भाषा या अन्य भारतीय भाषा के प्रयोग पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि 14 सितंबर 1949 को हिन्दी को संघ की राजभाषा को स्वीकार करते हुए संविधान के अनुच्‍छेद 343 खण्‍ड-1 में कहा गया था कि देवनागरी लिपि में लिखित हिन्‍दी संघ की राज्‍यभाषा होगी।

हिन्दी को अधिक बढ़ावा देने के लिये ये आवश्यक है कि सभी न्यायालयों में हिंदी में कामकाज शुरू किया जाये जिससे हिंदी का प्रसार हो सके। आपको बता दें कि हिंदी को राजभाषा का दर्जा 14 सितंबर, 1949 के दिन मिला था और तब से हर साल यह दिन ‘हिंदी दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है। साल 1918 में महात्मा गांधी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था। इसे गांधी जी ने जनमानस की भाषा भी कहा था। आज़ादी के बाद संविधान सभा ने एक मत से निर्णय लिया था कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी। आज हिंदी दिवस के मौके पर चिराग पासवान द्वारा की गयी ये मांग वास्तव में सराहनीय है। अब देखना होगा कि आगे चलकर इस पर क्या कदम उठाया जायेगा।