हिन्दी भाषा के समर्थन में LJP का नया नारा- गांधी, लोहिया की अभिलाषा, चले देश में देसी भाषा

PATNA : लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि भारत को छोड़कर हर देश की अपनी भाषा है लेकिन हम अपनी भाषा को अनिवार्य नहीं कर पा रहे हैं, ये दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पहले कल लोजपा ने मांग की थी, कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट समेत देश की सभी अदालतों में अंग्रेजी की अनिवार्यता को खत्‍म कर हिन्‍दी का प्रयोग शुरू जाये।

रामविलास पासवान ने अपने ट्वीट में कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों के कुछ नेता तथा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का हिन्दी का विरोध करना अनाश्यक है। उन्हे अपनी मातृभाषा का समर्थन करना चाहिए और अंग्रेजी का विरोध। अँग्रेजी विदेशी भाषा है, अपनी भाषा तो हिन्दी है। उन्होंने कहा कि हमारा नारा है, गांधी, लोहिया की अभिलाषा, चले देश में देसी भाषा। अंग्रेज़ यहां से चले गए, अँग्रेजी को भी जाना है। अँग्रेजी में काम नहीं होगा, फिर से देश गुलाम ना होगा।

कल चिराग पासवान ने हिन्दी की वकालत की थी-

चिराग पासवान ने कहा कि यह दुख की बात है की आज़ादी के 72 साल के बाद भी राजकीय कार्य में हिन्दी भाषा और अन्‍य भारतीय भाषा का उपयोग नगण्य है। चार उच्च न्यायलय (बिहार, उत्‍तर प्रदेश, राजस्थान, मध्‍य प्रदेश) को छोड़कर अन्य सभी उच्च न्यायलयों में हिन्दी भाषा या अन्य भारतीय भाषा के प्रयोग पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि 14 सितंबर 1949 को हिन्दी को संघ की राजभाषा को स्वीकार करते हुए संविधान के अनुच्‍छेद 343 खण्‍ड-1 में कहा गया था कि देवनागरी लिपि में लिखित हिन्‍दी संघ की राज्‍यभाषा होगी। आपको बता दें कि हिंदी को राजभाषा का दर्जा 14 सितंबर, 1949 के दिन मिला था और तब से हर साल यह दिन ‘हिंदी दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है। साल 1918 में महात्मा गांधी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था।