लोकसभा चुनाव की तारीखों का हो गया ऐलान : इन 5 राज्यों से हो कर गुजरता है दिल्ली तक का रास्ता

PATNA : चुनाव आयोग ने आज लोकसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान कर दिया। इस बार 11 अप्रैल से लेकर 19 मई तक 7 चरणों में मतदान होगा और 23 मई को चुनाव परिणाम घोषित किये जायेंगे। बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सातों चरण में चुनाव कराये जायेंगे  भारत के चुनाव पर पूरी दुनिया की नज़र होती है। कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश और बिहार से हो कर जाता है।  ये दोनों राज्य मिलकर बहुमत के लिए जरूरी 272 सीटों में से 120 सीटों का फैसला करते हैं। लोकसभा सीटों के लिहाज से उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है लेकिन इसके अलावा 5 राज्य और हैं जो देश का भविष्य तय करते हैं। 

उत्तर प्रदेश (80) : उत्तर प्रदेश लोकसभा सीटों के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है। लोकसभा की 80 सीटें इसी राज्य में आती है। उत्तर प्रदेश ने देश को 6 प्रधानमंत्री दिए हैं। 2014 में भाजपा ने 80 में से 71 सीटें जीती थी। और डॉ सीट उसकी सहयोगी पार्टी ने जीती थी। इस तरह 80 में से कुल 73 सीटों पर जीत हासिल होने के बाद नरेंद्र मोदी के लिए दिल्ली की राह आसान हो गई थी।

बिहार (40) : बिहार में लोकसभा की 40 सीटें आती है। भाजपा ने 2014 में 22 सीटें हासिल की थी जबकि 9 सीटें उसके सहयोगी दलों को मिली थी। इस बार पार्टियों की उछल कूद के कारण समीकरण काफी बदल गए हैं। 22 सीटें जीतने वाली भाजपा इस बार बस 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि उसकी सहयोगी जेडीयू जिसने 2014 में भाजपा से अलग हो कर लड़ा और सिर्फ 2 सीटें जीती थी इस बार भाजपा के साथ है और 17 सीटों पर लड़ रही है। एनडीए की तीसरी सहयोगी लोजपा 6 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। 2014 में राजद को 4, कांग्रेस को दो , जेडीयू  को दो और और एक सीट पर एनसीपी को जीत हासिल हुई थी।

महाराष्ट्र (48) :  लोकसभा सीटों के हिसाब से महाराष्ट्र देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है।2014 में भाजपा और शिवसेना ने साथ मिल कर चुनाव लड़ा था और 48 में से 41 सीटों पर जीत हासिल की थी। जबकि कांग्रेस एनसीपी गठबंधन को 6 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इस बार भी गठबंधन उसी तरह है।

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पश्चिम बंगाल (42) : लोकसभा सीटों के लिहाज से पश्चिम बंगाल देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। 2014 में राज्य में तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व कायम रहा था। टीएमसी ने 34 सीट , भाजपा ने 2, सीपीएम को 2 और कांग्रेस को 4 सीटें हासिल हुई थी।  इस बार भाजपा ने बंगाल में 22 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।

तमिलनाडू (39) :  2014 में तमिलनाडू में लोकसभा की 39 सीटों में से एआईएडीएमके ने 37 सीटें हासिल की थी  जबकि प्रमुख विपक्षी दल डीएमके को एक भी सीट हासिल नहीं हो सकी थी।  तमिलनाडू में भाजपा का कोई आधार नहीं है लेकिन इस बार उसने एआईएडीएमके, पीएमके और डीएमडीके के साथ गठबंधन किय है जबकि कांग्रेस भी इस बाद डीएमके के साथ गठबंधन में है।