आप नहीं जानते होंगे कि क्या है धन-संपत्ति की देवी माँ लक्ष्‍मी जी के अठारह पुत्रों के नाम ?

PATNA : सभी लोग जानते हैं कि धन-संपत्ति की देवी का नाम मां लक्ष्‍मी हैं । जो सभी लोगों के जीवन में सुख-सौभाग्‍य को बनाएं रखती हैं। मां लक्ष्‍मी जी की विष्‍णु भगवान की अर्धांगिनी के रूप में पूजा की जाती है। मां लक्ष्मी जी के बारे में ऐसी बहुत सी बातें हैं जिनके बारे में बड़े-बड़े विद्वान भी नहीं जानते होंगे। जी हाँ मां लक्ष्मी जी की ऐसी ही एक बात जो शायद ही कोई जानता होगा। क्या आप जानते हैं धन की देवी माँ लक्ष्‍मी जी के अठारह पुत्रों के नाम ?

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धन की देवी माँ लक्ष्‍मी जी के अठारह संताने थीं। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी जी के 18 पुत्रों का विभिन्‍न ग्रंथों में उल्‍लेख मिलता है। विद्वानों का मानना है कि अगर पैसों की परेशानी हो तो मां लक्ष्‍मी के इन 18 पुत्रों का नाम लेने से तुरंत धन का लाभ होता है। शुक्रवार को देवी की पूजा में इनके नाम के जाप से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्‍त होती है और समस्‍याओं से छुटकारा भी मिलता है।

मां लक्ष्‍मी जी के 18 पुत्रों के नाम इस प्रकार हैं। सर्वप्रथम जो नाम आता है वह है देवसखा जी का उसके बाद क्रमशः चिक्लीत, आनन्द, कर्दम, श्रीप्रद, जातवेद, अनुराग, सम्वाद, तेज, दमक, सलिल, गुग्गुल, कुरूण्टक और विजय, वल्लभ, मद, हर्ष, बल हैं।

विद्वानों का कहना है कि मां लक्ष्मी जी के इन पुत्रों की पूजा-अर्चना करने से धन का लाभ होता है। ये बात तो सभी लोग जानते हैं कि लक्ष्मी जी को उल्लास की, प्रसन्नता की और विनोद की देवी माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में लक्ष्मी जी का वास होता है वहां हंसने-हंसाने का वातावरण बना रहता। लक्ष्मी सौन्दर्य की देवी हैं, वे जहां रहेगी वहां स्वच्छता, प्रसन्नता, सुव्यवस्था, श्रमनिष्ठा एवं मितव्ययिता का वातावरण बना रहेगा।