प्रशांत किशोर को नहीं दिखा जदयू में अपना अस्तित्व तो चाणक्य चल दिये अपनी चाल- माधव आनंद

PATNA: RLSP के महासचिव माधव आनंद ने जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के बारे में कहा कि प्रशांत को जदयू में अपना अस्तित्व और करियर नहीं दिख रहा है, इसलिए वे अब निजी कामों को महत्व देते हुए अपनी कंपनी चलाकर ही जीवन-यापन करने के राह पर चल दिये हैं। आपको बता दें कि प्रशांत को मीडिया वालों ने राजनीति का चाणक्य नाम दिया है क्योंकि ये वहीं चाणक्य है, जो किसी पार्टी को किसी क्षेत्र से चुनाव में जीताते हैं तो किसी को हराते हैं।

हाल ही में प्रशांत ने जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर रहते हुए, भाजपा और नरेन्द्र मोदी के राजनीतिक विरोधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अगले चुनाव में जीत दिलाने के लिए उनकी पार्टी के रणनीतिक सलाहकार के तौर पर काम करने का निर्णय लिया है। वे इस काम को अगले महीने से करने वाले हैं। चूंकि जदयू का भाजपा के साथ बिहार में गठबंधन है तो प्रशांत किस मकसद से ममता की पार्टी के जीत के लिए रणनीति बनाने का काम ले लिये हैं। इसपर आशंका यह भी जताया जा रहा है कि कहीं जदयू भाजपा से अलग होने की बात तो नहीं सोच रही है।

प्रशांत किशोर के कदम पर छिड़ चुका सियासी घमासान-

राजद प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने प्रशांत के बारे में कहा कि उनको ठग किशोर भी कहा जाता है, इसलिए हो सकता है कि वो ममता बनर्जी को ठगने गये हो। इसके अलावा राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने प्रशांत पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशांत राजनीति को बाजार की तरह देखते हैं| बाजार में मांग और पूर्ति की समस्या जहां भी होती है, वहां प्रशांत नजर आते हैं | प्रशांत किशोर को राजनीति की समझ नहीं है इसीलिए वो ममता बनर्जी के साथ काम करना चाहते है | हालांकि ममता बनर्जी किसी से भी रणनीति बनवा ले, लेकिन अब वो जीतने वाली नहीं हैं। वहीँ जदयू प्रवक्ता नेता केसी त्यागी ने प्रशांत का समर्थन किया है।