महागठबंधन में दरार: NDA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में उपेंद्र कुशवाहा के साथ नजर नहीं आए तेजस्वी

PATNA: राजधानी पटना में बुधवार को सड़कों पर महागठबंधन के जनाक्रोश का असर देखने को मिला। महागठबंधन के दलों द्वारा नीतीश सरकार और एनडीए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सड़कों पर महागठबंधन के समर्थकों का हुजूम देखने को मिला। वहीँ इस विरोध प्रदर्शन से आरजेडी ने दूरी बनाए रखी।

महागठबंधन के सबसे बड़े दल आरजेडी ने एनडीए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लिया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व लोक समता पार्टी के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने किया। इसी को लेकर कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। वहीँ आरजेडी का कोई भी बड़ा नेता इस प्रदर्शन में सम्मिलित नहीं हुआ।

जिस तरह से महागठबंधन में दलों के बीच खींचातान देखने को मिल रही है उससे तो यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि महागठबंधन में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। वहीँ इससे पहले उपचुनाव में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने भी महागठबंधन से नाराजगी व्यक्त की थी। इतना ही नहीं मांझी ने तो महागठबंधन को अल्टीमेटम भी दे दिया है।

बता दें महागठबंधन के इस विरोध में हम, आरएलएसपी, वीआईपी, कांग्रेस और वाम दलों ने बढ़-चढ़ भाग लिया। इन पार्टी के समर्थकों भारी संख्या में सड़कों पर दिखाई दिए। इस दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने जनाक्रोश रैली के दौरान केंद्र की मोदी सरकार के साथ साथ नीतीश सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा केंद्र की रेलवे की निजीकरण की योजना बहुत गलत है। वहीँ नीतीश सरकार की योजनाओं पर भी सवाल उठाते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने जमकर निशाना साधा।