कटिहार की महानंदा नदी पर बना बिहार को बंगाल से जोड़ने वाला पुल बाढ़ में बहा

PATNA: कटिहार में बाढ़ के कारण रघुनाथपुर गरैया का पुल बह गया। महानंदा नदी पर बना यह पुल बिहार और पश्चिम बंगाल से जोड़ता था। इसके कारण लोगों को बाढ़ क्षेत्र से बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया है। इसके कारण लोगों को काफी परेशानियों को झेलना पड़ रहा है।

बिहार में बाढ़

आपको बता दें कि बिहार के 12 जिलों के 68 प्रखंडों के 444 गांव के करीब 20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, अररिया, सुपौल, मधुबनी, शिवहर, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, सहरसा, कटिहार, मोतिहारी, पूर्णिया शामिल है। बाढ़ के कारण अबतक कुल 67 लोगों की जान जा चुकी है।

बाढ़ से निपटने के लिए बिहार सरकार का कदम

बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगभग 149 राहत शिविर बना चुकी है। इन राहत शिविरों में एक लाख से लोग ठहरे हुए हैं। इन शरणार्थी को खाने-पीने की व्यवस्था के लिए 300 से ज्यादा सामुदायिक रसोई का निर्माण किया गया है। SDRF के साथ साथ NDRF की टीम भी बाढ़़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए पहुंच चुकी है। जल संसाधन मंत्री संजय झा का कहना है कि सरकार अपना काम पूरी ईमानदारी के साथ कर रही है और हमलोग इस दुख की घड़ी में पीड़ित जनता के साथ है।

बिहार सरकार द्वारा आपातकालीन केन्द्र का नंबर 0612- 2294204/10/05 जारी किया गया है। इसके अलावा जिला कंट्रोल रुम सीतामढ़ी का 06226-25031 अररिया का 06453-222309, किशनगंज का 06456-224152, सुपौल का 06473-224005, मधुबनी का 06276-222576, पूर्वी चंपारण का 06252-242418, शिवहर का 06222-257060/61 इमरजेंसी नंबर है। इसपर कॉल करके लोग खुद की और अन्य लोगों की बाढ़ में फंसे होने की जानकारी दे सकते हैं ताकि NDRF और SDRF की टीम उनलोगों की सहायता के लिए पहुंच सके।