बिहार के मनीष को देखकर आती फिल्म ‘पा’ की याद, 18 की उम्र में ही चेहरे पर आने लगी है झुर्रियां

MANISH AND PAA

Patna: बिहार के मुजफ्फरपुर में मझौली धर्मदास के मनीष दुर्लभ बीमारी ‘प्रोजेरिया’ के एक मरीज है। उनकी इस बिमारी के कारण वे ठीक फिल्‍म ‘पा’ के अमिताभ की तरह दिखते है। इस संबंध में बचपन में ही डॉक्‍टरों ने कहा था कि वे अधिक से अधिक 14 से 18 वर्ष तक जीवित रह सकते हैं। लेकिन मनीष ने हौसला कायम रखा है। वे बीमारी की चिंता छोड़ दुकान चला रहे हैं। साथ ही पढ़ाई भी जारी रखे हुए हैं।

दरसल प्रोजेरिया एक अनुवांशिक बीमारी है। इस बीमारी में जीन में आकस्मिक बदलाव आता है, जिससे मानसिक विकास तो सामान्य बच्चे जैसा होता है, लेकिन बच्‍चा उम्र से पांच-छह गुना बड़ा दिखाई देने लगता है। 13 वर्ष की उम्र में ऐसे बच्चे 70-80 वर्ष तक के नजर आते हैं। अधिकतर बच्चे 13 वर्ष की उम्र तक दम तोड़ देते हैं, हालांकि कुछ 20-21 साल तक जीते हैं। तो वहीं मनीष के संबंध में बचपन में ही डॉक्‍टरों ने कहा था कि वे अधिक से अधिक 14 से 18 वर्ष तक जीवित रह सकते हैं। 18 वर्ष की उम्र पार कर डॉक्‍टरों के अनुमान को मात दे चुके मनीष अब बूढ़े हो गए हैं। 18 वर्ष की उम्र में ही उनके चेहरे पर झुर्रियां आने लगी हैं। दांत भी गलने लगे हैं। मनीष को गर्मी बर्दाश्त नहीं होती। शरीर से पसीना नहीं निकलता। गर्मी में उन्‍हें पूरे दिन शरीर पर पानी डालना पड़ता है। 10 कदम भी चलना मुश्किल हो जाता है। मनीष कहते हैं कि गर्मी कट जाने के बाद लगता है कि दूसरा जन्म हुआ है।

MANISH

आपको बता दें कि मनीष के परिवार को इलाज के लिए मदद की दरकार है। पिता शिव शर्मा बताते हैं कि सिविल सर्जन कार्यालय में वर्षों पहले आवेदन भी दिया, मगर मदद नहीं मिली। समस्‍या यह है कि राज्य चिकित्सा सहायता कोष से प्रोजेरिया रोग के लिए अनुदान नहीं दिया जा सकता। तत्कालीन सिविल सर्जन ने वर्ष 2010 में प्रोजेरिया की पुष्टि करते हुए मनीष के इलाज के लिए निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिख मुख्यमंत्री चिकित्सा कोष से अनुदान देने का आग्रह किया था। लेकिन इसपर अबतक कुछ नहीं हुआ। मनीष का इलाज करने वाले मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्‍ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल (एसकेएमसीएच) के शिशु रोग विभागाध्‍यक्ष डॉ. ब्रजमोहन कहते हैं कि ‘जेनेटिक विकार के कारण होने वाली यह बीमारी का इलाज नहीं है। हां, दवाओं से जीवन में वृद्धि की जा सकती है। इसके बावजूद मनीष आम जीवन जी रहा है तो निश्चित रूप से उसकी इच्छाशक्ति का ही परिणाम है।

About Vishal Jha

I am Vishal Jha. I specialize in creative content writing. I enjoy reading books, newspaper, blogs etc. because it strengthened my knowledge and improve my presentation abilities

View all posts by Vishal Jha →