शीला दीक्षित के निधन पर भावुक हुए मनोज तिवारी,कहा- मुझे बेटे की तरह मानती थीं

NEW DELHI : आज दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का दिल का दौरा पड़ने से मृ’त्यु हो गयी। भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी शीला दीक्षित के निधन पर बहुत भावुक हो गए। उन्होंने कहाकि शीला जी मुझे अपने बेटे की तरह मानती थीं। उनके स्वभाव से कभी नहीं लगा कि मैं उनके खिलाफ चुनाव ल’ड़ता हूँ।

मनोज तिवारी ने कहा कि मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि शीला जी अब हमारे बीच में नहीं हैं। उनके स्थान को भर पाना भारतीय राजनीति में बहुत ही मुश्किल है। मनोज तिवारी ने कहा कि मैं अभी कुछ दिन पहले ही उनसे मिला था तब उन्होंने बहुत स्नेह से मुझसे मुलाकात की थी। तब मुझे बिलकुल भी नहीं लगा था कि वो ऐसे अचानक हमें छोड़कर चली जाएँगी। आपको बता दें कि इस लोकसभा चुनाव में मनोज तिवारी और शीला दीक्षित एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़े थे जिसमें मनोज तिवारी को जीत हासिल हुई थी।

कुछ देर पहले ही हुआ है निधन-

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित का आज निधन हो गया है। आज सुबह उन्हें ओखला के एस्कॉर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां दिल का दौरा पड़ने से उनका नि’धन हो गया। वो लंबे समय से बीमार थीं। आज दोपहर 3.30 बजे शीला दीक्षित ने एस्कॉर्ट अस्पताल में अंतिम सांस ली। शीला दीक्षित 81 साल की थी। पंजाब के कपूरथला में जन्मी शीला दीक्षित की शादी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता उमाशंकर दीक्षित के बेटे विनोद दीक्षित से हुई थी। इंदिरा गांधी की ह’त्या के बाद 1984 में पहली बार शीला दीक्षित कन्नौज से लड़कर संसद तक पहुंची। शीला दीक्षित दिसंबर 1998 से दिसंबर 2013 तक दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी थीं । मुख्यमंत्री रहने के बाद शीला दीक्षित केरल की राज्यपाल भी रह चुकी थीं।वर्तमान में वे दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष थीं।