बदलेगा बिहार का मौसम, कल बूंदाबांदी के आसार, अप्रैल में हो सकते हैं वज्रपात

PATNA : प्रदेश में ठंड के बाद विकसित होने वाले लोकल थंडर स्टॉर्म इस बार एक महीने पहले ही शुरू हो गए। इससे प्रदेश के पठारी इलाकों में वज्रपात के आसार बन गए हैं। 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच हाड़ कंपाने वाली ठंड नहीं पड़ी। ।

पहली बार ऐसा हुआ है, जब फरवरी के मध्य से ही आंधी-पानी के हालात बनने लगे। जबकि यह अमूमन मार्च के अंतिम हफ्ते से शुरू होता है। मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि छह बार बिहार में लोकल थंडर स्टॉर्म विकसित हुए। फरवरी-मार्च के महीने में कुछ जिलों में 30 से 40 मिमी बारिश हो चुकी है। आने वाले दो महीने में औरंगाबाद से जमुई सहित बिहार के पठारी इलाकों को अधिक वज्रपात झेलना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि यूपी और नेपाल से सटे बिहार के इलाकों में लोकल थंडर स्टॉर्म विकसित होते हैं। जबकि, बंगाल और झारखंड से सटा बिहार का पूर्वी-दक्षिणी इलाका बारिश के साथ तेज आंधी को भी विकसित करता है।

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लोअर लेवल क्लाउड होने के कारण पहाड़ी से दूरी बेहद कम हो जाती है। इस कारण यहां बिजली अधिक गिरती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ उज्जवल कुमार के अनुसार, दलहनी फसल अब भी खेत में ही हैं। बारिश होने से फसल सूखने में परेशानी हो रही है। स्टोरेज में भी दिक्कत आएगी। सिर्फ गेहूं और सब्जी की फसल को फायदा हो रहा है।।

पारे में उतार-चढ़ाव के बीच मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। सोमवार शाम से पटना व आसपास के इलाके में आंशिक बादल छाये रहेंगे। मंगलवार को बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसमविदों की मानें तो हिमालय क्षेत्र में चक्रवाती हलचल का असर बिहार के मौसम पर पड़ सकता है। इसका असर सोमवार से ही दिखने लगेगा। मंगलवार को चक्रवाती हवा के साथ कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हो सकती है।