डीएमसीएच में चिकित्सा व्यवस्था ठप, मरीजों का पलायन शुरू, चौथे दिन जारी है हड़ताल

PATNA : एमबीबीएस के फाइनल इयर के छात्रों की हड़ताल शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह ठप है। मरीजों का अस्पताल में दाखिला लेना भी बंद है। ओपीडी, इमरजेंसी, लेबर रूम में सहित सभी जांच घरों में ताला लटक रहा है। हड़ताली डॉक्टरों ने ऑपरेशन थियेटर में भी ताला जड़ दिया है। इलाज के लिए आने वाली गर्भवती महिला सहित सभी गंभीर मरीज लौट रहे हैं। मरीजों के परिजनों ने आज अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया एवं प्रदर्शन किया।

वार्डों में मरीजों की संख्या घटने लगी है। उत्तर बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल होने के कारण यहां प्रतिदिन 1500 से 2000 मरीजों का इलाज होता था। आज हालात यह है कि अस्पताल का बेड मरीजों का इंतजार कर रहा है। अस्पताल प्रशासक से लेकर जिले के आला अधिकारी व्यवस्था सुधरने का सिर्फ आश्वासन देते हैं। उनका कहना है कि बात चल रही है। जल्द ही हड़ताल टूट जाएगी। आर्यभट्‌ट विश्वविद्यालय प्रशासन के तानाशाह रवैये से छात्र तो परेशान हैं, दरभंगा, मधुबनी समस्तीपुर, सहरसा जिले से यहां आने वाले मरीजों की भी समस्या बढ़ गई है। मेडिसीन वार्ड ब्लाक 1 में मरीजों की संख्या घटकर 30 हो गई है। पहले यहां 100 से अधिक मरीज रहते थे। वहीं इसी वार्ड के ब्लॉक 2 में वर्तमान में मात्र 25 मरीज हैं।

अशोक राम को सुपौल जिले के एक अस्पताल से डीएमसीएच रेफर कर दिया गया। उनको दमा की बीमारी है । वे काफी सीरियस थे। परिजन इसके इलाज के लिए परेशान थे। कमर भी सीधा नहीं हो रहा था। दस साल का लड़का विकास पासवान अपनी मां के साथ पंडौल से आया था। उसे स्कीन की बीमारी थी। इससे दिखाने के लिए उसकी मां भटक रही थी। समस्तीपुर जिले के शिवाजीनगर के राज कुमार राय को हार्ड की बीमारी है। शरीर फूल गया है। सांस लेने में भी कठिनाई हो रही है।

हड़ताली छात्र बलराम, प्रशांत, नितिन, माधव, शुभंम, रितू, आनामिका का कहना है कि आर्यभट्‌ट ज्ञान विश्वविद्यालय (एकेयू) पटना हमारे अधिकारों का हनन कर रहा है। सभी कॉलेजों के लिए एक समान नियम होना चाहिए। दरभंगा मेडिकल कॉलेज व पावापूरी मेडिकल कॉलेज के छात्रों का ही परीक्षा केंद्र को दूसरे जिले में करने का कारण बताया जाए। छात्रों का कहना था कि जहां तक दरभंगा में परीक्षा के कदाचार होने की बात है, तो फिर पहले दिन ही परीक्षा को रद्द क्यों करनी पड़ी। इसके जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उस पर कार्रवाई की जाए।

छात्रों ने डीएम को ज्ञापन दिया है। उसकी प्रतिलिपि प्रधान सचिव व आयुक्त को भेजी गई है। हम भी छात्रों से वार्ता में लगे हैं कि कम से कम लेबर रूम एवं इमर्जेंसी का ताला खोल दिया जाए। डॉ. आरआर प्रसाद, अधीक्षक, डीएमसीएच

The post डीएमसीएच में चिकित्सा व्यवस्था ठप, मरीजों का पलायन शुरू, चौथे दिन जारी है हड़ताल appeared first on Mai Bihari.