लोकसभा चुनाव हारने के बाद मीसा भारती का विवादित फैसला,पाटलिपुत्र से वापस ले लिया फंड

PATNA:पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाली राजद प्रत्याशी मीसा भारती का अजीबोगरीब फैसला सामने आया है। मीसा भारती ने पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र के लिये  चुनाव से पहले विभिन्न योजनाओं के लिये आवंटित करीब 15 करोड़ रुपये की राशि आवंटित कराई थी जो अब रद्द करा दी है। मीसा भारती ने यह फैसला चुनाव हारने के बाद किया है।

गौरतलब है कि इस साल फरवरी तक उन्होंने अपने तीन वर्षों के राज्यसभा कार्यकाल में सांसद निधि का उपयोग नहीं किया था। तीन वर्षों में किसी योजना की सिफारिश भी नहीं की थी, लेकिन लोकसभा चुनाव नजदीक आया तो एक महीने में ही अपने पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में 15 करोड़ की योजनाओं की अनुशंसा कर दी थी। मीसा भारती लोकसभा चुनाव में आरजेडी की उम्मीदवार थीं , लेकिन वह लोकसभा चुनाव हार गईं तो उन्होंने अपनी ओर से प्रस्तावित की गयीं सारी योजनाओं को रद्द करा दिया है।

मीसा भारती

भाजपा ने किया विरोध तो वहीं राजद के पास इसका जवाब नहीं –

बीजेपी के प्रवक्ता संजय टाइगर ने आलोचना करते हुए कहा कि अगर वोट देने या न देने के आधार पर कोई भेदभाव करता है तो यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। जनप्रतिनिधि के रूप में मीसा भारती का यह कदम शर्मनाक है। विपक्षियों की बात तो दूर कांग्रेस भी इस फैसले का विरोध कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि हर हाल में फंड का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। यह कार्य बहुत ही निंदनीय है।
दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं को जवाब देते नहीं बन रहा है। पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह राशि किन कारणों से वापस  ली ,इसकी जानकारी आने के बाद ही कोई टिप्पणी की जा सकती है। मीसा भारती के इस फैसले से ना केवल राजनीति में नैतिकता को लेकर बहस शुरू हो गई है बल्कि इससे मीसा की अवसरवादी राजनीति भी उजागर हो गयी है।