बिहार के नालंदा की मिताली ने अफ्रीका महादेश की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर फहराया तिरंगा

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Patna: बिहार के नालंदा जिले के मायापुर गांव की मिताली ने अफ्रीका महादेश की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो (तंजानिया) पर तिरंगा फहरा कर देश का नाम दुनिया में ऊंचा किया है। इस बारे में मिताली की मां ने बताया कि वह 10-10 रुपये जमा कर अफ्रीका गई है। पैसा जमा नहीं होने पर दो लाख रुपये का कर्ज लिया है। यहां तक भगवान ने पहुंचाया है तो आगे भी वही मालिक हैं। वहीं बेटी के शब्दों में उसका संघर्ष मां के आगे बौना है।

दरसल पटना विश्वविद्यालय के राजनीतिशास्त्र विभाग की छात्रा मिताली बिहार के नालंदा जिले के मायापुर गांव में परिवार के साथ रहती है। मां चंचला देवी सर्जिकल बेल्‍ट बनाती हैं, जिसमें पिता मणीन्द्र प्रसाद सहयोग करते हैं।तीन बेटियों की पढ़ाई और उसके सभी खर्चे चंचला ने ही 12 से 18 घंटे काम कर पूरे किए। चंचला देवी बताती हैं कि बड़ी बेटी ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (अहमदाबाद) से टेक्सटाइल डिजाइनिंग में कोर्स किया है। अभी सिलवासा में नौकरी करती है। छोटी बेटी मीनल 11वीं में पढ़ती है तो एकऔर बेटी मिताली ने किलिमंजारो चोटी को फतह कर देश का नाम दुनिया में ऊंचा किया है।

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तो वहीं मिताली ने बताया कि उसके गांव से राजगीर के पहाड़ नजदीक हैं। पहाड़ पर चढ़ाई बचपन का सपना है। लेकिन, घर की आर्थिक स्थिति इतना ज्यादा सोचने की इजाजत नहीं देती थी। पटना आने पर एनसीसी से जुड़ी। ‘सी’ सर्टिफिकेट प्राप्त किया। पर्वतारोहण की परीक्षा में बेहतर करने पर एनसीसी की ओर से पैरा जंपिंग टीम में चयन हुआ। उसके बाद सपने को पंख लगने शुरू हुए। पर्वतारोहण के बेसिक, एडवांस, मेथड ऑफ इंस्ट्रक्शन के साथ-साथ अल्पाइन कोर्स भी किया। अल्पाइन कोर्स में तंबू के साथ विद्यार्थी किसी चोटी पर कई दिनों के लिए अकेले छोड़ दिया जाता है।

साथ ही मिताली ने बताया कि किलिमंजारो पर चढ़ाई की अनुमति मिलने के बाद जनवरी से ही चार लाख रुपये के जुगाड़ में जुट गई थी। राज्य सरकार, शिक्षा विभाग, कला-संस्कृति व युवा विभाग, विश्वविद्यालय प्रशासन सहित दर्जनों कंपनियों के पास पैसे के लिए गुहार लगाई। लेकिन सब जगह निराशा ही हाथ लगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हर मंच पर मेरी सफलता का ढोल पीटा, लेकिन अभी तक एक रुपये की सहायता नहीं मिली। 35 हजार रुपये देने का आश्वासन कुलपति ने दिया है। लेकिन मिताली के शब्दों में संघर्ष तो अभी शुरू हुआ है। कराटे में ब्लैक बेल्ट मिताली का लक्ष्य सातों महादेशों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराना है। पैसे की व्यवस्था हो गई तो मिताली जल्द ही माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराएगी।