कश्मीर में आ’तंकी हमला, बिहार का लाल हुआ शहीद

PATNA : बिहार के सिवान जिले के रघुनाथपुर प्रखंड के निवासी मितेश सिंह जम्मू कश्मीर में मंगलवार को शहीद हो गये।घ’टना उस समय हुई जब मिशन ऑल आउट में शामिल जवानों का काफिला ऑप’रेशन में लगा था। इस दौरान आ’तंकवादियों ने आ’इडी ब्ला’स्ट कर दिया। इसमें दो जवान शहीद हो गए थे जबकि कई जवान घा’यल हो गए थे। मितेश के पिता भी आर्मी से रिटायर्ड हैं। शहीद मितेश  का एक और भाई भी सेना में है। सभी मितेश के शौ’र्य को सलाम कर रहे हैं। 

 

अब तक मिली जानकारी के अनुसार मितेश का पूरा परिवार लखनऊ में रहता है। जबकि गांव में  उनके  चाचा व परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं। परिवार में तीन भाई और एक बहन है। इन सभी में मितेश ही सबसे बड़े थे। परिवार को जैसे ही मितेश के शहीद होने की खबर मिली वैसे ही परिवार में मा’तम छा गया। शहीद जवान अमरजीत सिंह उर्फ मितेश सिंह की शादी वर्ष 2007 मे सारण जिले के परसागढ़ गांव निवासी परमहंस पांडेय की पुत्री शोभा के साथ हुई थी। शहीद जवान के दो पुत्र हैं।जिनके नाम आर्यन कुमार एवं अनुज कुमार हैं। इनकी आयु क्रमशः 10 साल और 7 साल है। लोग शहीद के पार्थिक शरीर के गांव आने का इंतजार कर रहे हैं। उनके पैतृक घर पर आसपास के लोग पहुंचने लगे हैं।

कल हुई थी मितेश की शहादत-

आपको बता दें कि कल जब जवानों का पूरा काफिला मिशन आल आउट में लगा था तभी आतं’कवादियों ने आइ’डी ब्ला’स्ट कर दिया था जिसमे दो जवान शहीद हो गए थे और कई घायल हो गए थे। शहीद जवानों में दिघवलिया गांव निवासी अमरजीत सिंह उर्फ मितेश सिंह भी शामिल थे। इनके शहीद होने की खबर सुनने के बाद से ही परिजनों का रो – रो कर बुरा हाल है। शहीद के दोनों बच्चे अभी बहुत छोटे हैं जिनके मासूम जीवन से पिता का साया उठ गया है। मितेश सिंह के बचपन के मित्र बताते हैं कि वह अपने बचपन से ही बहुत साहसी और निडर प्रवृत्ति के थे। उनका मन बचपन से ही देश की सेवा में लगता था। शहीद मितेश के मित्र भी उनकी याद करके रो पड़ते हैं। पूरा सिवान जिला अपने जांबाज लाल की वीरता को नमन कर रहा है।