मजदूरों को पेंशन देने की योजना 15 को होगी शुरू, 55 रुपए महीने जमा करने पर मिलेगा 3000 का पेंशन

Patna: असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 3 हजार महीने पेंशन देने वाली प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना 15 फरवरी को शुरू हो जाएगी।

मोदी सरकार की इस शत प्रतिशत राशि से शुरू होने वाली इस योजना को एलआईसी द्वारा लागू किया जाएगा। सरकार की इस योजना में अधिक से अधिक मजदूरों को लाभ मिले इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

बीते एक फरवरी को मोदी सरकार के अंतरिम में बजट में घोषित की गई इस नई योजना को लागू करने को लेकर श्रम मंत्रालय के अधिकारियों ने बिहार के श्रम संसाधन विभाग के अधिकारियो्ं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग की है। केंद्र सरकार ने 15 फरवरी को इस योजना के शुभारंभ की तारीख घोषित कर दी है।

अधिकारियों के अनुसार सरकार की योजना में 18 से 40 वर्ष तक के मजदूर शामिल हो सकते हैं। सभी को पेंशन लेने के लिए अपनी ओर से मामलूी अंशदान करना होगा। 60 वर्ष से पहले अगर श्रमिक की मौ’त हो जाती है तो उसके परिजनों को जमा राशि ब्याज के साथ वापस की जाएगी। अगर 60 साल के बाद मजदूर की मौ’त होगी तो उसके परिजनों को पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलेगा।

15 हजार से कम वेतन वालों को मिलेगा योजना का लाभ-

श्रमिकों की ओर से जितनी राशि वसूली जाएगी उतनी ही राशि सरकार देगी। शर्त यह है कि मजदूर की मासिक आमदनी 15 हजार से कम हो। अगर कोई 18 साल के कम उम्र के श्रमिक हैं तो उन्हें 55 रुपए अशंदान करने होंगे। इसी तरह जो 29 वर्ष के श्रमिक होंगे उन्हें 100 रुपए का अंशदान करना होगा।

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40 वर्ष तक के श्रमिकों को 200 रुपए का अंशदान हर महीने करना होगा। 60 वर्षों तक श्रमिकों को ऐसे ही अंशदान करना होगा। इसके बाद उन्हें 3 हजार मासिक पेंशन मिलने लगेगा। एक शर्त यह भी है कि अगर इस योजना में आने के बाद किसी मजदूर की आमदनी 15 हजार से अधिक हो जाती है। तो उन्हें इससे बाहर निकलना होगा।

आधार कार्ड, मोबाइल नंबर व बैंक खाता जरूरी-

योजना के क्रियान्वयन के लिए एलआईसी एसबीआई के साथ मिलकर श्रमिकों का खाता खोलेगा। श्रमिकों को एक खाता नंबर दिया जाएगा। जिसमें वे अंशदान करेंगे। योजना का लाभ पाने के लिए श्रमिकों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर को बैंक खातों से लिंक कराना होगा।

बिहार में निर्माण फुटपाथी, कृषि, बीड़ी, रेहाड़ी, पटरी, चमड़ा, व हस्तकरघा श्रमिकों की संख्या 16 करोड़ से अधिक है। केवल निर्माण क्षे्त्र ही 16 लाख श्रमिकों का निबंधन करा राज्य योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।