फार्मेसी की परीक्षा न होने के विरोध में हंगामा

फार्मेसी की परीक्षा न होने के विरोध में हंगामा

By: Sanjeev kumar
April 16, 03:04
0
.....

PATNA:  अगमकुआं स्थित राजकीय फार्मेसी संस्थान के डिप्लोमा इन फार्मेसी के विद्यार्थियों ने नालंदा मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित पारामेडिकल कार्यालय के समीप सोमवार को विरोध-प्रदर्शन किया। शैक्षणिक सत्र समाप्त होने के दो साल बाद भी वार्षिक परीक्षा न होने तथा दो अन्य बैच की परीक्षा न लिये जाने का यह विरोध कर रहे थे। भविष्य को लेकर ¨चतित इन विद्यार्थियों ने फार्मेसी कॉलेज में क्लास का बहिष्कार कर कक्षा में ताला जड़ दिया। पूर्व में कई बार आंदोलन करने और परीक्षा लेने का आश्वासन देने के बाद भी परीक्षा नहीं लिये जाने से छात्र-छात्राओं में गुस्सा था।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे फार्मेसी के छात्र रजत राज ने बताया कि सत्र 2014-16 समाप्त हुए दो साल बीत गया लेकिन अभी तक द्वितीय वार्षिक परीक्षा नहीं ली गई है। इसी तरह सत्र 2015-17 एवं 2016-18 की परीक्षा भी लंबित है। बिहार से डी और बी फार्मा करने वाले विद्यार्थी दूसरे राज्यों की तुलना में पिछड़ रहे हैं। कैरियर बनाने का कीमती साल बर्बाद हो रहा है। राहुल कुमार, राजा, सुमन, गोपाल, प्रजापति, विकास, पूजा, अंजली, अत्यानंद समेत अन्य ने जल्द परीक्षा लिए जाने की मांग स्वास्थ्य मंत्री, विभाग के प्रधान सचिव, परीक्षा नियंत्रक से किया। इनका कहना था कि एक से सात जुलाई तक कॉलेज में आंदोलन कर पठन-पाठन ठप किया गया था। इस दौरान भी प्राचार्य व परीक्षा नियंत्रण ने परीक्षा लेने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक परीक्षा नहीं हुई है।

पीएमसीए में एनाटोमी विभाग के अध्यक्ष सह पारामेडिकल के परीक्षा नियंत्रक डॉ. खुर्शीद आलम ने कहा कि फार्मेसी की लंबित परीक्षा के संचालित करने की तैयारी चल रही है। बिहार के सभी कॉलेजों के विद्यार्थियों की परीक्षा होनी है। इसे लेकर 18 अप्रैल को बैठक बुलाई गई है। इसी बैठक में परीक्षा की तारीख तय कर ली जाएगी। मई में परीक्षा लिए जाने की संभावना है।

बेहद आश्चर्यजनक है कि फार्मेसी कॉलेज में डी और बी फार्म की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को इंटर्न के दौरान प्रतिदिन केवल एक रुपया मानदेय दिया जाता है। भुगतान की यह सरकारी व्यवस्था वर्ष 1958 से चली आ रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि तब एक रुपया का महत्व था लेकिन आज एक रुपया भिखारी भी नहीं लेता है। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद तीन महीने तक पीएमसीएच, एनएमसीएच या अन्य मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए इंटर्न करना अनिवार्य है। राज्य सरकार को मानदेय की राशि बढ़ाकर सम्मानजनक करने में देर नहीं करनी चाहिए।

 

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।
comments