मुजफ्फरपुर में झमाझम बारिश, कम हो सकता है चमकी बुखार का प्र’कोप

PATNA : मुजफ्फरपुर में आज मानसून की पहली बारिश हुई है। लोगों को इस बारिश का इंतज़ार था क्योंकि इसे चमकी बुखार का प्रकोप कम होने की उम्मीद की जा रही है। पूर्णिया के रास्ते शुक्रवार को मानसून ने बिहार में प्रवेश किया। पटना, गया, नालंदा समेत कई जिलों में बारिश हुई।

शनिवार को अमूमन बिहार के सभी जिलों में बादल घिरे रहे।पटना, गया, नालंदा समेत कई जिलों में बारिश हुई। बारिश होने से गर्मी कम हो जाती है साथ ही लू चलनी भी बंद हो जाती है। जिससे चमकी बुखार का खतरा कम होने लगता है।  आज राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई। मखदुमपुर में 40 मिमी, गलगलिया में 40 मिमी, तैयबपुर में 40 मिमी, पूर्णिया 20 मिमी, मनिहारी में 20 मिमी, अरवल में 10 मिमी और बिहारशरीफ में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार को पटना में भी पारा चार डिग्री तक नीचे आ सकता है। गया, भागलपुर और पूर्णिया में गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है।

बारिश के साथ ही कम होता है AES का खतरा-

बिहार में AES से अब तक 160 से अधिक बच्चों की मौ’त हो चुकी है, लेकिन चाइल्ड स्पेशलिस्ट बताते हैं कि बारिश के कारण चमकी बुखार का ख’तरा कम होने लगता है।  दरअसल इस बीमारी का कारण हीट और ह्यूमिडिटी है। इलाके में गर्मी जब 40 डिग्री के पार होती है और ह्यूमिडिटी 60 पार होती है, और यह स्थिति कई दिनों तक लगातार बनी रहती है तो बच्चे बीमार होने लगते हैं।अगर बारिश होती है तो गर्मी से भी राहत मिलेगी और AES के मामलों में भी कमी आएगी। बता दें कि शुक्रवार को केंद्र सरकार के अपर सचिव मनोज झलानी, एडीशनल हेल्थ सेक्रेटरी, बिहार कौशल किशोर, दिल्ली के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार सिंह, दिल्ली से संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यम, बिहार के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार व जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष एसकेएमसीएच पहुंचे थे। उन्होंने पीआइसीयू का निरीक्षण कर पीड़ित बच्चों का हाल जाना और चिकित्सकों के साथ बैठक भी की थी।