NEET का रिजल्ट घोषित, राजस्थान का नलिन ने किया टॉप, बिहार से 57.61 फीसदी परीक्षार्थी सफल

PATNA : मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा NEET (NATIONAL ELIGIBILTY CUM ENTRANCE TEST) का परिणाम घोषित हो चुका है । परीक्षार्थी अपना परिणाम अधिकारिक वेबसाइट ntaneet.nic.in पर जाकर चेक कर सकते हैं।

2019 के नीट की परीक्षा में नलिन खंडेलवाल टॉप किया है। वह राजस्थान का रहने वाला है। नलिन 720 में से 701 नंबर लाकर ऑल इंडिया टॉपर बना है। वहीं दूसरे स्थान पर दिल्ली के भाविक बंसल है, जिसे कुल 700 नंबर मिला है और तीसरे स्थान पर यूपी के रहने वाले अक्षत कौशिक है। इसबार लड़कियों में टॉपर माधुरी रेड़्डी है, जो सातवीं रैंक प्राप्त की है। माधुरी तेलंगाना की रहने वाली और 720 में से 695 नंबर लायी है। पहले 100 रैंको की लिस्ट में 20 लड़कियां शामिल हैं। आपको बता दें कि पिछले साल बिहार की बेटी कल्पना ने नीट में पहला रैंक लाकर राज्य का नाम रौशन की थी।

आपको बता दें कि इसबार बिहार से टॉप 50 में एक भी परीक्षार्थी शामिल नहीं है। वहीं झारखंड की सविता को 20वीं रैंक मिली है। इसबार की परीक्षा में बिहार से 76536 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से कुल 57.61 फीसद सफल रहे हैं। जल्द ही एडमिशन के लिए काउंसिलिंग शुरु होगी।

NTA आयोजित करती है परीक्षा-

इस परीक्षा को NTA (NATIONALTESTING AGENCY) प्रत्येक वर्ष आयोजित करती है। NTA के अनुसार इस साल NEET की परीक्षा के लिए कुल 15 लाख 19 हजार आवेदन आए थे । जबकि पिछले साल 13.26 लाख आवेदन आए थे। इस साल छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए देशभर में कुल  154 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। आपको बता दें कि NEET की परीक्षा 5 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें बिहार से कुल 84 हजार 443 छात्रों ने फार्म भरा था। बिहार में पटना और गया दो परीक्षा केंद्र बनाया गया था। आपको बता दें कि NEET के जरिए देश के सरकारी और प्राइवेट काॅलेजों के लगभग 60 हजार सीटों पर एडमिशन होता है।

इन 60 हजार सीटों में से 25 हजार सीटें सरकारी काॅलेजों की हैं । सरकारी काॅलेजो की 5000 सीटें ऑल इंडिया कोटे के तहत आती हैं ।जिसमें उन्हीं लोगों का एडमिशन होता है जो NEET की परीक्षा में टाॅप 5000 रैंक के अंदर होते हैं । जो छात्र नीट की परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं उनमें से ऊपर के 5000 तक के रैंक वालों की काउंसिलिंग पहले चरण में होती है। इसके बाद शेष छात्रों की काउंसिलिंग स्टेट मेडिकल काॅलेजों में होती है ।