सीतामढ़ी में बाढ़ पीड़ितों ने राहत की मांग के लिए NH-77 को किया घंटों जाम,जमकर हुई नारेबाजी

PATNA: सीतामढ़ी में बाढ़ पीड़ितों ने जिला प्रशासन से राहत की मांग की। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने अपनी मांग को मजबूती के साथ रखने के लिए एनएच 77 को कई घंटों के लिए जाम कर दिया। आपको बता दें कि ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ में अनाज बह जाने से खाने के लिए भी कुछ नहीं है और सरकार मदद के करने के लिए सशक्त तरीकों से आगे नहीं आ रही है। बाढ़ के समय में रात बिताना भी किसी गंभीर आपदा से कम नहीं है। ग्रामीण, सड़कों और पुलों के टूट जाने के कारण बाढ़ में फंस चुके हैं, उन्हें बाहर निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं मिल रहा है।

रोड जाम

गौरतलब है कि कल ही बाढ़ में सांप काटने से एक बच्ची की मौ’त हो गयी। इसके बाद ग्रामीणों में दह’शत का माहौल है। इतना ही इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं में भी भारी कमी है। चिकित्सा के अभाव में भी कई लोगों की जान जा चुकी है।

आपको बता दें कि बिहार के 12 जिलों के 68 प्रखंडों के 444 गांव के करीब 20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, अररिया, सुपौल, मधुबनी, शिवहर, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, सहरसा, कटिहार, मोतिहारी, पूर्णिया शामिल है। बाढ़ के कारण अबतक कुल 67 लोगों की जान जा चुकी है।

बाढ़ से निपटने के लिए बिहार सरकार का कदम

बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगभग 149 राहत शिविर बना चुकी है। इन राहत शिविरों में एक लाख से लोग ठहरे हुए हैं। इन शरणार्थी को खाने-पीने की व्यवस्था के लिए 300 से ज्यादा सामुदायिक रसोई का निर्माण किया गया है। SDRF के साथ साथ NDRF की टीम भी बाढ़़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए पहुंच चुकी है। बिहार सरकार द्वारा आपातकालीन केन्द्र का नंबर 0612- 2294204/10/05 जारी किया गया है।