राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार और केंद्र सरकार को भेजा नोटिस, चमकी बुखार पर हो रही मौ’तों पर माँगा जवाब

PATNA : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को नोटिस भेजकर इन्सेफ्लाइटिस पर हो रही मौ’तों पर विस्तार से रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने अपने नोटिस में इसके रोकथाम के लिए उठाये गए कदमों पर भी जवाब माँगा है। बिहार के मुजफ्फरपुर एवं इसके आसपास के ज़िलों में लगातार इस बुखार से बच्चों की मौतें हो रही हैं। अब तक लगभग 125 से भी ज़्यादा लोगों की मौ’तें हो चुकी हैं। इस नोटिस का जवाब सरकार को चार सप्ताह में देना है।

आयोग ने पूछा है कि अब तक एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से बचाव के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाये गए। मानवाधिकार आयोग ने एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम की रोकथाम एवं इससे बचाव के लिए किये प्रयासों पर विस्तार से जवाब माँगा है। इस नोटिस का जवाब सरकार को चार सप्ताह में देना है।

इंसेफेलाइटिस से लगातार हो रही हैं मौ’त-

बिहार में इंसेफेलाइटिस से लगातार बच्चों की मृत्यु हो रही हैं। इसी पर सरकार की नाकामी के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर मुजफ्फरपुर में केस दर्ज किया गया है। लगातार हो रही बच्चों की मौत और सरकार की अवहेलना से नाराज सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने मुजफ्फरपुर के सीजेएम कोर्ट में केस दर्ज कराया है ।

15 जून को डॉ. हर्षवर्धन और स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे मुजफ्फरपुर का दौरा किया था और चमकी बु’खार पी’ड़ितों की स्थिति का जायजा लिया था। इतना ही नहीं, कुछ व्यवस्थागत सुधार की भी पहल की थी। इससे पहले 14 जून को मंगल पांडेय ने भी मुजफ्फरपुर श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) का दौरा किया था। लगातार सरकारी प्रयास के बावजूद चमकी बुखार से मासूम बच्चों मौ’त हो रही है, इससे जनता में सरकार और व्यवस्था के प्रति रोष उत्पन्न हो गया है। बिहार के करीब पांच से छह जिलों में चमकी बुखार यानी कि इंसेफेलाइटिस का प्रकोप पड़ रहा है, जिससे लगातार बच्चों की जान जा रही है।अब तक के आकड़ों के मुताबिक, 126 बच्चों की मौत हो चुकी है।