केंद्र सरकार राज्य के शिक्षकों के वेतन में किसी तरह की कोई कटौती न करे- CM नीतीश

PATNA: शनिवार को दिल्ली में नीति आयोग की बैठक का आयोजन किया गया। इस बताहक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समग्र शिक्षा योजना के तहत केंद्र सरकार से शिक्षकों की सैलरी में पूर्व से मिल रही राशि में किसी भी तरह की कटौती का विरोध किया है।

इसी के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नीति आयोग की बैठक में बिहार में शिक्षा के अधिकार अधिनियम को शत प्रतिशत लागू करने की दिशा में शत प्रतिशत आर्थिक मदद देने की मांग की। उन्होंने आगे कहा कि सत्र 2018-19 में 85 हजार और सत्र 2019-20 में 89 हजार शिक्षकों का वेतन केंद्र सरकार ने मंजूर नहीं किया है। इस कारण बिहार पर 7 हजार करोड़ का आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

सीएम नीतीश ने बैठक में कहा कि अभी कुछ दिनों पहले ही बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी की है, जिसके चलते राज्य सरकार पर बोझ और बढ़ेगा।

सीएम नीतीश ने बैठक में वेतन मामले पर चर्चा करते हुए कहा कि पहले प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के शिक्षकों को केंद्र सरकार प्रतिमाह साढ़े 22 हजार रुपए प्रति शिक्षकों की दर से मुहैया कराती थी। वहीँ केंद्र सरकार ने अब इसे घटाकर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए 15 हजार और मध्य विद्यालय के शिक्षकों के लिए 20 हजार निर्धारित कर दिया है। हाईस्कूल के शिक्षकों के लिए 25 हजार प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है। जबकि, राज्य सरकार इन शिक्षकों को औसत 30 हजार रुपए महीने वेतन दे रही है।

अगर बात स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड में निर्धारित हिस्सेदारी की करें तो इसमें बिहार को 4.2 प्रतिशत, महाराष्ट्र 13.4प्रतिशत, राजस्थान 10 प्रतिशत, मध्य प्रदेश 7.9 प्रतिशत, तमिलनाडु 6.1 प्रतिशत, यूपी 6.1 प्रतिशत, गुजरात 6.4 प्रतिशत मिलता है।