CM नीतीश ने विधानसभा में बाढ़ पर बोले-नेपाल में बारिश हुई तो बिहार में आयी बाढ़

PATNA: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में बाढ़ के मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हमारे राज्य में बाढ़ आने का मुख्य कारण नेपाल से पानी छोड़ा जाना है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जिस पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है।

नेपाल डैम से पानी छोड़ जाना

गौरतलब है कि इससे पहले उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी कहा कि इस बार नेपाल से सामान्य से आठ गुना ज्यादा पानी छोड़ा गया है इसलिए राज्य में बाढ़ से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गयी है। सिर्फ सत्ताधारी नेता ही नहीं बल्कि विपक्षी कांग्रेस नेता सदानंद सिंह ने कहा है कि नेपाल में कई दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। नेपाल की तराई वाले क्षेत्र से पानी, नीचे बिहार की ओर आता है, जिससे राज्य में बाढ़ जैसी उत्पन्न हो गयी है। उन्होंने बाढ़ की समस्या से स्थायी तौर पर निपटने के बारे में बताया कि जब तक नेपाल में चेकडैम का निर्माण नहीं होगा, तब तक बिहार को बाढ़ जैसी गंभीर आपदा से छुटकारा नहीं मिलेगा।

आपको बता दें कि उन्होंने विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान कहा कि राज्य के 12 जिलों में बाढ़ की आफत है और अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य में 199 राहत शिविरों में 1.16 लाख से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं और 78 प्रखंडों के 555 पंचायत के 25.71 लाख लोग बाढ़ से पीड़ित हैं।

बाढ़ से निपटने के लिए बिहार सरकार का कदम

बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगभग 149 राहत शिविर बना चुकी है। इन राहत शिविरों में एक लाख से लोग ठहरे हुए हैं। इन शरणार्थी को खाने-पीने की व्यवस्था के लिए 300 से ज्यादा सामुदायिक रसोई का निर्माण किया गया है। SDRF के साथ साथ NDRF की टीम भी बाढ़़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए पहुंच चुकी है। जल संसाधन मंत्री संजय झा का कहना है कि सरकार अपना काम पूरी
ईमानदारी के साथ कर रही है और हमलोग इस दुख की घड़ी में पीड़ित जनता के साथ है। बिहार सरकार द्वारा आपातकालीन केन्द्र का नंबर 0612- 2294204/10/05 जारी किया गया है।