नीतीश ने किया साफ़ ,बिहार विधानसभा चुनाव भी लड़ेंगे मोदी के साथ

PATNA:आज से जदयू के सदस्यता महा अभियान की शुरुआत हुई| इस अवसर पर सीएम नीतीश कुमार ने प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, पूर्व मंत्री व सांसद ललन सिंह के अलावा कई नेताओं की मौजूदगी में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वो एनडीए के साथ हैं और रहेंगे| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमलोग बिहार विधानसभा के चुनाव लड़ेंगे और बड़ी जीत हासिल करेंगे |

मोदी और नीतीश

नीतीश कुमार ने कहा कि मैं पहले दिन से ही कह रहा हूं कि हमलोग एनडीए के ही साथ है| कहीं कोई मतभेद नहीं है, मैंने उस दिन भी कहा था कि हमें सांकेतिक प्रतिनिधित्व मंजूर नहीं है, एक मंत्री पद से कुछ नहीं होता, एक भी पद ना मिले तो भी कोई दिक्कत नहीं है हम एनडीए के साथ ही हैं और आगे भी रहेंगे | एक सवाल का जवाब देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हमने सफलतापूर्वक लोकसभा चुनाव लड़ा है और आगे भी भी साथ ही चुनाव लड़ेंगे |

जानिए नीतीश को ऐसा कहने की ज़रूरत क्यों पड़ी ?

30 मई को नरेंद्र मोदी जब शपथ ले रहे थे तब बीजेपी ने जेडीयू को मंत्रिमंडल में एक सीट देने का फैसला किया था| जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बीजेपी के इस ऑफर को यह कह कर ठुकरा दिया था कि मंत्रिमंडल में सांकेतिक प्रतिनिधित्व की कोई जरूरत नहीं है, हालांकि नीतीश ने कहा कि वे पूरी तरह से एनडीए के साथ हैं|

बाद में  रविवार को नीतीश कुमार ने बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार किया था| नीतीश ने मंत्रिमंडल में आठ नये चेहरों को शामिल किया, लेकिन इसमें बीजेपी का एक भी शख्स नहीं था. मीडिया में जब इस पर सवाल उठे तो सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बीजेपी को भी मंत्रिमंडल की खाली सीटों पर अपने सदस्यों को शपथ दिलाने का ऑफर दिया था, लेकिन बीजेपी ने कहा कि वो भविष्य में मंत्रिमंडल में शामिल होगा| इसके बाद से ही ये अटकलें लगाई जाने लगी थी कि जदयू भाजपा से नाराज़ है |