गरीबों को दिये जाने वाले शौचालय में भी हुआ घोटा’ला-विपक्ष ने सरकार को घेरा

PATNA: कांग्रेस नेता प्रेमचन्द्र मिश्रा ने कहा कि सरकार ने सीतामढ़ी को बिहार में खुले में शौच से मुक्त होने वाला पहला जिला घोषित कर दिया लेकिन वास्तविकता यह है कि कहीं भी कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी में भी शौचालय कार्यशील नहीं है। इतना ही नहीं, जब सीतामढ़ी जैसे जिले के सभी घरों में शौचालय नहीं तो सरकार कैसे खुले में शौच से मुक्त जिला घोषित कर दी है।

ODF

उनका कहना है कि एक तरफ सभी घरों में शौचालय बना ही नहीं है। वहीं दूसरी तरफ इन शौचालय पर करोड़ों रुपया का बिल पास हो गया है। इसका मतलब है कि शौचालय निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटा’ला हुआ है। आपको बता दें कि आज इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने बिहार विधानसभा में कार्य-स्थगन प्रस्ताव स्पीकर को दिया है।

प्रेमचन्द्र सिंह ने सीतामढ़ी के डीएम का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने इस जिले का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकोर्ड भी भेज दिया और कहा कि यहां एक ही दिन में शौचालय निर्माण के लिए 113 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया जबकि ऐसा अबतक नहीं हुआ है। इतना ही नहीं, सरकार का दावा है कि 4 लाख शौचालय का निर्माण हो चुका है जबकि ऐसा अभी तक नहीं हुआ है। वहीं राजद नेता रामचन्द्र पूर्वे ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार की सभी योजना सिर्फ व सिर्फ कागजी साबित हो रही है। इनकी सरकार में कोई भी अधिकारी बिना घु’स लिए छोटा से छोटा काम तक करने के लिए तैयार नहीं हैं। भ्र’ष्टाचार और अप’राध पर घुटना टेकने वाली सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

क्या है पूरा मामला-

बिहार में अब तक 13 जिले शौच से मुक्त घोषित हुए लेकिन आज ही इसमें घोटा’ले का मामला सामने आया है। अभी तक 13 जिले ही खुले में शौच से मुक्त हुआ है। शौचालय का निर्माण सिर्फ कागजों पर हुआ है और जमीनी हकीकत कुछ और है। सीतामढ़ी के DM रंजीत सिंह ने दावा किया है कि वे एक दिन में लगभग 1 लाख गड्ढे खुदवाए। इतना ही नहीं, सिर्फ एक सप्ताह में 70 हजार शौचालय बनाया गया है और पूरे जिले को सिर्फ 75 दिनों में ही ODF घोषित कर दिया गया। हालांकि अब इनके दावे पर भी कई तरह के सवाल उठने लगा है।