बिहार का एक ऐसा सैनिक, जो आज जानवरों के लिये बन गया है मसीहा

PATNA : बिहार के कटिहार में रहने वाले उमेश आज सभी के लिए प्रेरणा बन गए हैं क्योंकि वो सेना से रिटायर होने के बाद से जानवरों की सेवा में जुटे हैं। उमेश बेस’हारा एवं बी’मार जानवरों को देखकर उनका इलाज कराते हैं। खास कर कटिहार के दियारा क्षेत्र में पशुओं में होने वाली खु’रहा नामक गं’भीर बी’मारी का स्वयं ही इलाज़ करते हैं।

लगभग 17 साल भारतीय सेना में नौकरी पूरी करने के बाद सेवानिवृत होकर अपने गांव मनिहारी लौटे उमेश सामजिक कार्य में जुटे हुए हैं। इसमें से सबसे ज्यादा वो बेस’हारा, नि’रीह और बी’मार जानवरों की सेवा करते हैं। ये देखकर शुरू में तो गाँव के लोगों ने उनका मज़ाक उड़ाया था लेकिन अब सभी लोग उनके समर्पण को सलाम कर रहे हैं। मनिहारी सिंग्नल टोला के बेचन सिंह ने बताया कि अब हालात ऐसे हैं कि वो लोग अपने आस पास किसी बीमार पशु को देखने से इसकी सूचना उमेश को देते हैं और वह मवेशियों का मसीहा बन कर इलाज कर देते हैं।

समाजिक कार्यकर्ता आलमगीर ने उमेश के बारे में कहा कि  वह तो ‘रॉबिनहुड’ है.।अब हम लोग भी उमेश के सेवा भाव को देखते हुए उन्हें सहयोग करने के लिए तत्पर रहते हैं। सच में यह फौजी उन आवारा पशुओं के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं जो गंभीर बीमारी की चपेट में आने के बाद भी इलाज के लिए तड़पते रहते हैं । आज के दौर में जब इंसान अपने लोगों की मदद करने में पीछे रहता है तब जानवरों के लिये इतनी निष्ठा से समर्पित रहना वास्तव में सराहनीय है।