सवर्ण आरक्षण पर बिहार में बिखरा महागठबंधन, नकारात्मक राजनीति पर उतरा विपक्ष

PATNA : लोजपा ने कहा कि सवर्ण आरक्षण के मुद्दे पर महागठबंधन बिखर गया। कांग्रेस और रालोसपा ने इसका समर्थन किया तो राजद ने संसद में इसका विरोध किया। आने वाले चुनाव में भी इनका बिखराव तय है। प्रधानमंत्री ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को जमीन पर उतार कर दिखा दिया। पार्टी नेता सुनील पांडेय, सूरजभान सिंह, विधायक राजू तिवारी, नूतन सिंह, हुलास पांडेय व अशरफ अंसारी ने कहा कि गरीब सवर्णों को आरक्षण की मांग पार्टी अपने स्थापना काल से ही कर रही है। स्थापना के समय पार्टी के राजनीतिक एजेंडा में यह मांग प्रमुखता से शामिल थी। कांग्रेस इतने लंबे समय तक शासन करने के बाद भी यह काम नहीं कर सकी। नरेन्द्र मोदी ने सवर्णों के सपने को पूरा किया। सुनील पांडेय ने कहा कि केन्द्र सरकार आगे भी कई और बड़े फैसले करने वाली है।

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मील का पत्थर साबित होगा सवर्णों को आरक्षण : गरीब सवर्णों के लिए संसद के दोनों सदनों से आरक्षण बिल की मंजूरी मिलने पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सांसदों के प्रति आभार प्रकट किया है। कहा है कि यह विधेयक देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। कहा है कि प्रधानमंत्री का सबका साथ-सबका विकास का नारा भारत के सभी तबके के लोगों के लिए नया सवेरा लेकर आ रहा है। वह समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए सोचते हैं। सरकारी सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों में दस फीसद आरक्षण मिलने से मुफलिसी में जी रहे सवर्णों की उम्मीद जगी है।

जदयू प्रवक्ता अरविन्द निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संसदीय जीवन के इतिहास में कभी अपनी भाषायी मर्यादा का उल्लंघन नहीं किया है। विपक्ष को मालूम होना चाहिए कि नीतीश कुमार की पहचान उत्कृष्ट भाषाशैली के लिए भी है। आरोप लगाया कि मुद्दाविहिन विपक्ष बेवजह राजभवन मार्च कर रहा है। विपक्ष नाकारात्मक राजनीति कर प्रदेश की आम जनता को भड़काने की नाकाम कोशिश कर रहा है।

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