नीतीश कुमार और सुशील मोदी दिल्ली शिफ्ट होंगे? इस खबर से मंत्री प्रेम कुमार चहक रहे हैं

नीतीश कुमार और सुशील मोदी दिल्ली शिफ्ट होंगे? इस खबर से मंत्री प्रेम कुमार चहक रहे हैं

By: kanhaiya bhelari
February 03, 06:02
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LIVE BIHAR DESK : जिस दिन ये खबर छपी है कि सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी राज्यसभा में जाने वाले हैं उसी दिन से बिहार सरकार में कृषि मंत्री प्रेम कुमार चहक रहे हैं। उनके मागधी समर्थक तो अभिये से होली मनाना स्टार्ट कर दिए हैं, क्योंकि उन्हें लगने लगा है कि बड़का पद यानी सीएम का ताज एक बार फिर गया के लाल के लीलार पर चपकेगा। बताते चलें कि पहली बार नीतीश कुमार की कृपा या गलती से फाल्गू के जीव जीतनराम मांझी अनंत फल पाकर माथे चढ़-चढ़ा चुके हैं।

सियासी गलियारे में चर्चा खदक रही है कि आलाकमान चाहता है कि बिहार के सीएम और डिप्टी सीएम दिल्ली आकर सरकार में शामिल हो जांए और एनडीए को मजबूत करें ताकि पीएम नरेन्द्र मोदी 2019 के 15 अगस्त को भी लाल किला के छत पर तिरंगा झंडा फहराने में कामयाब हो सकें। हांकने वाले तो यहां तक हांक रहे हैं कि “ पीएम नरेन्द्र मोदी का हर्ट बेसब्री से चाहता है कि नीतीश कुमार अगले महाभारत का अर्जुन बनें और अपने कमल जड़ित तीर से दुश्मनों को फिनिश करने में देलहीधीश का हेल्प करें”।

बहरहाल, एग्रीकल्चर मिनिस्टर प्रेम कुमार के दिल में सीएम बनने का अंकुर तभी जन्म ले लिया था जब वे टू ईयर एगो पहली बार बीजेपी विधायक दल की हैसियत से विधानसभा में विरोधी दल के नेता बने थे। दरअसल ससुरा इस पद की खासियत ही ऐसी है कि जो इस पर बैठता है उसके अन्त:करण में सीएम बनने की इच्छा पैदा करने वाला जर्म स्थापित हो जाता है और उसके शरीर को कुकुरमाछी की तरह काटते रहता है।

लालू यादव से लेकर यशवंत सिन्हा, सुशील कुमार मोदी, नंद किशोर यादव और उपेन्द्र प्रसाद कुशवाहा तक के बॉडी मे ये निर्दयी जर्म सीएम बनने का चुनचुनी ऑलरेडी पैदा कर चुका है। लालू यादव तो पुंग गए हैं जबकि यशवंत सिन्हा का कोई चान्स नहीं बनता है क्योंकि उनको जबरिया मार्गदर्शक मंडल में ठेल दिया गया है। उपेन्द्र प्रसाद कुशवाहा पद पाने के लिए दांते-माथे या यूं समझें कि जी जान से लगे हैं, तो वहीं सुशील कुमार मोदी और नंद किशोर यादव का सीएम बनने का ड्रीम पार्टी आलाकमान के बक्सा में कैद है।

मिश्री जैसी मीठी बोली वाले एग्रीकल्चर मिनिस्टर प्रेम कुमार के मागधी चेलों का तर्क है कि “हमारे प्रेम जी इबीसी यानी एक्सट्रीमली बैकवर्ड कास्ट के तोप हैं। अगली महाभारत जीतने के लिए सभी दल इबीसी को ही हुक करने के लिए किस्म-किस्म की बंशी लगा रहे हैं। अगर तोप को सही पोजीशन में फिट कर दिया जाएगा तो एनडीए अगले चुनाव में 32 प्रतिशत वोट से टेकऑफ करेगी। माननीय पीएम नरेन्द्र मोदी को कोई माई का लाल हरा नहीं सकेगा”।  एक प्रेम भक्त ने livebihar.live को बताया कि “ पिछले दशहरा को मंत्री जी ने वेरी नीयर से नीलकंठ का दर्शन किया था। उसी समय घरेलू पंडित ने फोरकास्ट किया था कि 2018 सरप्राइज गिफ्ट देगा। हाड़ मे हरदी लीपा जाएगा”।

तीन दिन पहले एक खबर छपी थी कि सीएम नीतीश कुमार को दिल्ली के लूटियन जोन में केन्द्र सरकार की तरफ से बंगला आवटिंत कर दिया गया है। सच्चाइ से लोडेड ये न्यूज इस अफवाह को बल प्रदान किया कि नीतीश कुमार दल-बल के साथ हस्तीनापुर में रहेगें और नरेन्द्र मोदी के रथ का रथी बनकर एनडीए के लड़ाकों को चुनाव तक वार्मअप करने के वास्ते आर्यावर्त में रोमिंग रहेगें, लेकिन अंग्रजी अखबार टाइम्स आफ इंडिया ने आज सुबह में ऐसी मनहूस न्यूज दी कि प्रेम कुमार और उनके शुभचिंतकों के चहकाव पर तत्कालिक विराम लग गया। जनता दल यू के राष्ट्रीय महासचिव संजय झा ने क्लीयर कर दिया है कि 2025 विधानसभा चुनाव तक बिहार सीएम पद के लिए कोई वेकेन्सी नहीं है।

मंत्री प्रेम कुमार को निराश होने की जरूरत नहीं है। जब नीलकंठ के साथ देखा-देखी हो गई है, तो देवों के देव महादेव की ब्लेसिंग से मन की मुराद के आगे आने वाले दिनों में पूरा होने का योग बन सकता है। राजनीति का मिजाज कब क्या होगा ये देवता भी नहीं जानते है, मनुष्य की तो बाते छोड़िये और अभी तो मार्गदर्शक मंडल में ठेलाने में भी 12 साल बाकी है।

 

सलाह यही है कि सीएमसी(chief minister crown) पाने के लिए अपना आधार कार्ड पीएमओ में लिंक कर- कराके अपडेट रहियेगा।

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