हार के बाद Pappu बोले,चुनाव सेवा-न्याय के मुद्दे पर नहीं लड़ना चाहिए,लालू-नीतीश पर बेबाकी से बोले

PATNA: पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के सामने कोई अन्य नेता खड़ा नहीं हो पाया क्योंकि वे किसी विषय पर गंभीरता से अपनी बात रखते हैं। इतना ही नहीं, वे उतनी ही संयमता से काम भी करते हैं। दो दिन पहले उन्होंने यह भी कहा था कि नीतीश कुमार को 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनना चाहिए। हालांकि आज उन्होंने यह कहा कि नीतीश की टीआरपी और ब्राडिंग यह है कि भीतर में सबकुछ गलत और बाहर से सबकुछ सही। 

उन्होंने कहा कि मैं किसी का चमचागिरी करने वाला काम नहीं करता हूं बल्कि जो देखता हूं, वही बोलता हूं। उन्होंने कहा कि अब पूरे देश में सेवा, मदद या न्याय के नाम पर चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। अब चुनाव लड़ने का तरीका बदल चुका है, इसलिए जातिवाद, क्षेत्रवाद पर ही चुनाव लड़ना चाहिए। आपको बता दें कि पप्पू यादव लोकसभा का चुनाव बिहार के मधेपुरा निर्वाचन क्षेत्र से लड़े, लेकिन जीत नहीं पाये। उनका दावा है कि मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता को भगवान मानकर हर वक्त और हरसंभव सहायता किया। कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया, लेकिन जनता ने अपने भक्त को नहीं बल्कि अपनी जाति वाले को वोट दिया।

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उन्होंने सीएम नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव और खुद की टीआरपी और ब्राडिंग की भी बात की। उन्होंने नीतीश की टीआरपी और ब्राडिंग बताते हुए कहा कि भीतर में सबकुछ गलत और बाहर से सबकुछ सही। वही लालू की टीआरपी और ब्राडिंग बताते हुए कहा कि भीतर से कुछ-कुछ अच्छा, ऊपर से सबकुछ खराब और अपने बारे में बताते हुए कहा कि मैं इंसानियत के साथ हमेशा खड़ा रहता हूं।

Pappu Yadav क्यों हार गये चुनाव-

उन्होंने कहा कि हम चुनाव हारने का दोष किसी व्यक्ति या कार्यकर्ता को नहीं दे सकते हैं। यह मेरी गलती है कि मैं भगवान रूपी जनता को नहीं पहचान सके या नहीं समझ सके। उन्होंने कहा कि वे मधेपुरा की जनता को भगवान समझे, लेकिन यहां की जनता अपने ही भक्त को मार दिया। मुझसे बड़ा भक्त दुनिया में कौन होगा, मैंने गरीब को हरसंभव सहायता की, न्याय, विकास की बात की, हर व्यक्ति के साथ अच्छा रिश्ता कायम किया, जिसका परिणाम मुझे हार के रुप में मिला। यादव कहते है कि ये उनकी गलती है कि वे जाति-धर्म की राजनीति को छोड़कर भाई-चारे की राजनीति करके चुनाव लड़ना और जीतना चाहा।