मिसाल: स्लम एरिया में रहने वाले 300 से अधिक छात्रों को मुफ्त शिक्षा, अंग्रेजी भी फर्राटेदार

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आज जहां लोगों को अपने व्यक्त जीवन में से समय नहीं मिल पाता है। ऐसे में पटना वीमेंस कॉलेज की छात्राओं ने मिसाल पेश हुए देश में एक सराहनीय काम किया है। जाहिर है आज सरकार लोगों को शिक्षित करने के लिए कई योजनाओं के जरिये मदद दे रही है। ऐसे में पटना वीमेंस कॉलेज की छात्राएं स्पेशल काम कर रही हैं।

 

खुद पढ़ने के बाद सड़क पर ही छात्रों को कर रही शिक्षित

आज के समय में कोई खुद के लिए समय नहीं निकाल पाता है, लेकिन पटना की विमेंस कॉलेज की छत्राओं ने एक सराहनीय काम किया है। यह छात्राएं रोजाना 300 से ज्यादा बच्चों को पढ़ा रही हैं। इनमें अधिकतर छात्राएं छात्रावास की होती हैं। सभी छात्राएं पहले खुद पढाई करती हैं और उसके बाद वह ग्राउंड में क्लास लगाकर आसपास के इलाके में रहने वाले छात्र-छात्रों को शिक्षित करती हैं। कॉलेज में क्लास खत्म होने के बाद छात्राएं एक से लेकर 10वीं तक के बच्चों को पढ़ाती हैं। कुछ बच्चों को स्पेशल क्लास भी दी जाती है, जो किसी विषय में ज्यादा कमजोर होते हैं। क्लास एक घंटे तक चलती है। खास बात यह है कि बच्चों को अंग्रेजी बोलना और पढ़ना सिखाया जाता है। स्लम के जो बच्चे ए, बी, सी से परिचित नहीं थे, आज वे बिना रुके अंग्रेजी बोल पाते हैं।

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स्लम एरिये के छात्र-छात्रों को दे रही मुफ्त शिक्षा

पटना के विमेंस कॉलेज की छात्राएं सलम एरिया में रहने वाले छात्रों को रोजाना अपने समय पर पढ़ाती आ रही हैं। यह काम एक दो वर्षों से नहीं बल्कि पिछले 30 वर्षों से लगातार हो रहा है। वहीं पीडब्ल्यूसी की छात्राएं मंदिरी, राजापुर और अदालतगंज स्लम के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देकर उन्हें स्वावलंबी बना रही हैं। 50 छात्राएं बच्चों को पढ़ा रही हैं। इनमें ज्यादातर छात्राएं इतिहास विभाग की हैं। कॉलेज में 1987 में इंटर कॉलेज वीमेंस एसोसिएशन की स्थापना की गई थी। तभी से इस एसोसिएशन द्वारा यह पहल की जा रही है। बच्चों को आईसीडब्ल्यूए की कुछ सदस्य भी पढ़ाती हैं। एसोसिएशन की कन्वीनर सिस्टर सेलीना ने बताया कि छात्राओं को इस पहल के जरिए समाजसेवा करने का मौका मिलता है और इसी बहाने हम गरीब बच्चों तक शिक्षा पहुंचाते हैं।