बढ़ते प्रदूषण पर पटना हाई कोर्ट चिंतित, राज्य सरकार से पूछा- इसे रोकने के लिया क्या किया

PATNA : आज पटना उच्च न्यायालय ने बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई है। पटना हाईकोर्ट ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण और घटते जलस्तर पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से यह सब रोकने के लिए कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। उच्च न्यायालय ने कहा कि पटना उन शहरों में आता है जो सबसे ज़्यादा प्रदूषण से प्रभावित हैं। इनमे जलस्तर भी लगातार नीचे जा रहा है।

अदालत ने सरकार से जानने की कोशिश की कि राज्य सरकार ने पेड़ों के कटान को रोकने के लिए क्या कदम उठाये हैं। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि ये सुनिश्चित किया जाय कि पेड़ों के काटने पर कड़ी कार्रवाई की जाये और लोगों में ये जागरूकता फैलाई जाये कि पेड़ लगाना पर्यावरण के लिए उत्तम है। हरे पेड़ बिलकुल भी न काटे जाएँ।

अदालत ने बिहार सरकार और प्रदूषण विभाग के कामकाज पर भी सवाल खड़े किये और प्रदूषण को रोकने के लिए उठाये गए सभी कदमों विस्तृत जानकारी मांगी है। याचिकाकर्ता के वकील अपूर्व कुमार ने कोर्ट को बताया कि डीजल वाहनों, जो अधिक पुराने हो चुके हैं, उन पर पाबंदी लगे। उनके स्थान पर सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रमोट किया जाए। शहर में सीएनजी के केवल दो प्लांट हैं। इससे कुछ नहीं होने वाला है। कोर्ट को प्रदूषण से बचाव के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में 3 सप्ताह में जानकारी देनी है। आपको बता दें कि बिहार सरकार ने कुछ दिन पहले प्रदेश में जल संरक्षण को लेकर एक अभियान शुरू किया है।