पटना हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, साल 2009 के आवेदकों से ही भरें सिपाही के खाली पद

PATNA: बिहार पुलिस में नौकरी करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने आ रही है। पटना हाईकोर्ट ने साल 2009 में सिपाही नियुक्ति के लिए निकाले गए विज्ञापन के आवेदकों से ही सिपाहियों के बचे हुए पदों को 8 सप्ताह में भरने का आदेश दिया है।

पटना हाईकोर्ट ने इस विज्ञापन को लेकर डीजीपी को नर्देश दिया है कि 8 सप्ताह के अंदर पदों को भरा जाए। मामले पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने रणधीर कुमार अन्य की अवमानना याचिका पर यह निर्देश दिया है। वहीँ कोर्ट ने अवमानना याचिका को भी निष्पादित कर दिया है।

इतना ही नहीं कोर्ट इस मामले पर काफी गंभीर दिखाई दिया। कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को इस बाद की भी हिदायत दे दी कि अगर समय सीमा के अंदर नियुक्ति नहीं की गई तो इसे हाईकोर्ट की अवमानना के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की तरफ से वकील राजीव कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट ने अगस्त 2014 को ही आदेश दिया था कि 2009 की सिपाही भर्ती प्रक्रिया का अंतिम परिणाम दिसंबर 2010 को आया हैं उसमें सुधार करें। यह परिणाम 10110 आवेदकों के लिए आया था। इस परिणाम में सुधार करने के बाद सफल आवेदकों की संख्या 13468 हो गई थी लेकिन बढ़े हुए आरक्षियों के रिक्त पदों पर अब तक नियुक्ति नहीं की गई।