शिलान्यास के बाद पटना मेट्रो पर तेजी से हो रहा काम, भर्ती प्रक्रिया शुरू

PATNA : शिलान्यास के बाद अब मेट्रो की बात आगे बढ़ने लगी है। बुधवार को पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएमआरसीएल) अस्तित्व में आ गई। कॉरपोरेशन का कंपनी एक्ट में पंजीकरण हो गया है। पीएमआरसी की पहली बैठक 25 फरवरी को शाम चार बजे नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यालय में बुलाई गई है। इसमें बोर्ड के चेयरमैन, एमडी व निदेशकों को अधिकार दिए जाने के साथ ही भूमि अधिग्रहण, स्टाफ की भर्ती, कंसल्टेंट की नियुक्ति सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी।

पीएमआरसी का पंजीकरण काफी समय से लंबित था। शिलान्यास तक तो नगर विकास विभाग के तीन अधिकारियों ने मेट्रो का मोर्चा संभाले रखा लेकिन शिलान्यास के बाद अब मेट्रो के संबंध में सारे फैसले पीएमआरसी को ही करने हैं। पंजीकरण न हो पाने के कारण कोई भी काम आगे नहीं बढ़ सकता था। पीएमआरसी के अस्तित्व में आने के साथ ही पहली बोर्ड बैठक की तिथि और एजेंडा भी तय कर लिया गया है। कॉरपोरेशन के सीएमडी चैतन्य प्रसाद की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा तकनीकी सहित कुछ अन्य पदों पर स्टाफ की भर्ती का रहेगा।

quaint media

मेट्रो के इंदिरा भवन स्थित कार्यालय स्थल को भी बोर्ड मंजूरी देगा। फिलहाल कार्यालय सातवीं मंजिल पर नगर विकास के कार्यालय में ही खोला जा रहा है। इसके अलावा अंतरिम कंसल्टेंट की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने पर भी मुहर लगनी है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू किए जाने का प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में रहेगा। नगर विकास में विशेष सचिव संजय दयाल, ऊर्जा विभाग में संयुक्त सचिव विनोदानंद झा, पथ निर्माण के देवेश सेहरा, वित्त सचिव राहुल सिंह, परिवहन विभाग से चौधरी अनंत नारायण सहित छह कंपनियों के निदेशक हैं।