शत्रुघ्न के बागी हो जाने के बाद पटना साहिब सीट पर रविशंकर प्रसाद की नज़र, कई और भी हैं दावेदार

PATNA : बिहार में एनडीए की संकल्प रैली के बाद अब सीटों की पहचान और उम्मीदवारों के चयन का दौर चल रहा है। बाकी सीटों पर उम्मीदवारों के लिए लम्बी लाइन है लेकिन एक सीट के बारे में ये तय हो चूका है कि इस सीट पर किसे टिकट नहीं मिलेगा।  वो सीट है पटना साहिब। पिछले 2 साल से बागी तेवर अपनाए वर्तमान सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का पत्ता काटना तय है। अब सवाल ये है कि अगर इस सीट से शत्रुघ्न नहीं तो फिर कौन? इस सीट पर कई धुरंधर लोगों की नज़रें टिकी है। राज्यसभा सांसद  आरके सिन्हा और केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद। 

इस अतिमहत्वपूर्ण सीट का फैसला संघ करेगा और ये 8 से 10 मार्च को ग्वालियर में होने वाले संघ की बैठक में तय होगा।  इस बैठक में अमित शाह शिरकत करेंगे और वहीँ तय होगा कि पटना सीट की जिम्मेदारी किसी मिलेगी। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद साल 2000 से लगातार राज्यसभा सांसद है और इस बार लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं। जब से शत्रुघ्न सिन्हा ने बागी तेवर अपनाये हैं तभी से इस सीट पर रविशंकर प्रसाद की नज़र है और अपने मंत्रालय के जरिये उन्होंने इस क्षेत्र में काम भी किये हैं। भाजपा के कद्दावर और वरिष्ठ नेताओं में उनका नाम शुमार होता है और एक जाना पहचाना चेहरा हैं।

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प्रसाद की तरह ही राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा भी इस सीट पर अपनी नज़रें गडाए बैठे हैं। पटना साहिब के ग्रामीण इलाकों बख्तियारपुर, फतुहा में बाढ़ राहत के कामों के जरिये उन्होंने अपनी पैठ बनाई है। उन्हें संघ के नेताओं का भी समर्थन हासिल है। हालाँकि रविशंकर प्रसाद के बनिस्पत सिन्हा का चेहरा उतना लोकप्रिय और जाना पहचाना नहीं है।  इस मोर्चे पर वो मात खा जाते हैं।  दोनों ही राज्यसभा संसद हैं अब देखना है कि ग्वालियर से क्या फरमान आता है और इस सीट का भाग्य विधाता कौन बनता है।  जो भी यहाँ से लड़े, सामना उसे शत्रुघ्न सिन्हा का करना पड़ेगा क्योंकि सिन्हा साफ़ कर चुके हैं पार्टी भले बदल जाए उनकी जगह नहीं बदलेगी।