पटना में डेंगू के चलते अचानक बढ़ी नारियल की मांग, रोजाना 10 ट्रक से भी ज्यादा होती है खपत

PATNA : बिहार की राजधानी पटना में डेंगू से बचने के लिये लोग नारियल का सेवन कर रहे हैं। इस वजह से शहर में नारियल की खपत बढ़ गयी है। जानकारों का कहना है कि पटना में पहले एक हफ्ते में 3 ट्रक नारियल प्रयोग होता था लेकिन इसके विक्रेताओं का कहना है कि अब एक दिन में 10 ट्रक नारियल भी कम पड़ता है।

पटना के मुख्य शहरी इलाके से पानी निकल चुका है, लेकिन डेंगू के डर ने पटना के लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। पटना में अब तक दो हजार लोग डेंगू का शिकार हो गये हैं।इसलिये इससे बचाव के लिये नारियल का प्रयोग लोग कर रहे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी में कच्चा नारियल बहुत फायदेमंद होता है। इससे प्लेटलेट्स बढ़ती हैं। साथ ही डेंगू के चलते बाजार में बकरी का दूध, कीवी, डाभ, गिलोय के साथ साथ पपीते के पत्ते की भी डिमांड बढ़ गई है। डेंगू में इन सभी को रामबाण माना जाता है। राजधानी पटना के एक बकरी कारोबारी से बातचीत में पता चला कि ग्राहक बकरी के दूध को काफी महंगा भी खरीदने को तैयार हैं। लोग बकरी के दूध को 300 से 500 रुपए लीटर के भाव से भी खरीद रहे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि बकरी के दूध में विटामिन बी 6, बी 12, विटामिन C और विटामिन डी की मात्रा कम होती है। वहीँ बकरी के दूध में मौजूद प्रोटीन गाय, भैंस की तरह जटिल नहीं होता।  बाजार में पपीते के पत्ते से बनी टैबलेट के दाम भी बढ़ गए हैं। बढ़ती मांग के चलते टैबलेट की कीमत 440 रुपए तक हो गई है। बता दें मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव दीपक कुमार और प्रधान सचिव संजय कुमार को राज्य में बढ़ते डेंगू को लेकर बचाव के सभी उपाय करने के निर्देश दिए हैं।