पटना में जलजमाव से 1 हजार करोड़ के नुकसान का अनुमान, भूख हड़’ताल पर बैठेंगे पी’ड़ित

PATNA : पटना में बाढ़ से लगभग 1 हजार करोड़ रुपये के नुक’सान का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में नुकसान की भरपाई को लेकर राजेन्द्र नगर के लोग 20 अक्टूबर को भूख हडताल पर बैठने जा रहे हैं। बता दें कि लोगों ने सरकार से बाढ़ पीड़ितों की तरह छह हजार रुपये लेने से इनकार कर दिया है।

उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का घर भी पटना के राजेंद्र नगर में है। बाढ़ से उनको और उनके परिवार को भी रेस्क्यू करने पड़ा था। पटना के शहरी इलाकों से पानी तो निकल चुका है लेकिन अब बीमारियों का ख’तरा भी बढ़ रहा है।इससे पहले आज उच्च न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया कि डेंगू से रोकथाम के लिए तेजी से कदम उठाएं और एक रिपोर्ट दीजिए कि जलजमाव से बचने के लिए आपने क्या कोशिशें की और बताइये कि आगे ऐसे हालात न बनें इसके लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।

सरकार ने समय रहते नहीं किये बचाव के इंतजाम –

बिहार इन्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान का घर भी राजेन्द्र नगर इलाके में ही है। खेतान ने बताया कि जलजमाव के कारण एक हजार करोड़ का नुकसान पटनावासियों का हुआ है। खेतान की 4 गाडियां बर्बाद हो चुकी हैं। घर का सारा फर्नीचर खराब हो चुका है। यहां तक कि घर का फिर से डेंटिंग-पेंटिंग का काम चल रहा है। उनका लगभग पचास लाख का नुकसान हो चुका है।

लोगों का कहना है कि सरकार को क्षतिपूर्ति के रुप में कम से कम 50 हजार तो जरूर देना चाहिये। उनका कहना है कि 20 अक्टूबर को सभी लोग भूख हड़ताल पर बैठेंगे और शाम में सरकार का पुतला भी जलाएंगे। जलजमाव के कारण इलाके में रहनेवाले डाक्टरों और मेडिकल जांच करने वाले क्लीनिक के करोड़ों रुपये की मशीनें बर्बाद हो चुकी हैं। सरकार ने समय रहते बचाव के इंतजाम नहीं किये थे इसलिये लोगों को ये समस्या झेलनी पड़ रही है।