बिहार में पैकेट वाला दूध पीने वाले लोग हों सावधान, गुणवत्ता पैमाने पर दूध कंपनियां हुईं फेल

PATNA : बिहार में जो लोग पैकेट में बंद दूध का सेवन करते हैं, उनको सावधान होने की जरूरत है। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की ओर से की गई पड़ताल में ब्रांडेड कंपनियों के पैकेट वाले दूध माइक्रो बायोलॉजिकल जांच में फेल पाए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट्स की ओर से पूरे बिहार से पाउच वाले दूध के सैंपल लिए गए थे। इस दूध की जांच केमिकली और माइक्रो बायोलॉजिकली तरीके से की गई है। इसी में ये बड़ा खुलासा किया गया है।

आपको बता दें कि केमिकल के टेस्ट में सभी दूध पास हो गए थे, यानी दूध में केमिकल नहीं मिला लेकिन माइक्रो बायोलॉजिकल टेस्ट में सभी पाउच वाले दूध फेल हो गए। इसका अर्थ ये है कि दूध में बैक्टीरियल और वायरल जीवाणु पाए गए जबकि पाश्चराइज्ड दूध में इस तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए थी। विदित हो कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अध्ययन के अनुसार, देशभर में दूध के प्रमुख ब्रांडों से दूध की गुणवत्ता का परीक्षण किया गया। इसके लिए देशभर से दूध के सैम्पल इक्टठे किए गए थे।

इन सैम्पल में से 37.7 प्रतिशत निर्धारित गुणवत्ता मानक को पूरा करने में फेल हो गए हैं। सुरक्षा मापदंडों पर भी दूध के नमूनों में से 10.4% खरे नहीं उतर पाए। पटना और भोजपुर जिले के फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर अजय कुमार की मानें तो, दो ही ब्रांडेड कंपनियों के दूध सही पाए गए हैं, जो टेट्रा पैक में बाजार में उपलब्ध हैं। FSSAI के सीईओ पवन अग्रवाल ने अध्ययन जारी करने के बाद कहा था कि आम आदमी का मानना ​​है कि दूध में मिलावट अधिक है, लेकिन हमारे अध्ययन से पता चलता है कि मिलावट की तुलना में संदू’षण एक गं’भीर स’मस्या थी।