बिहार के भागलपुर जिले में प्रदूषण बिगाड़ रही शहर की सूरत, जुगाड़ गाड़ियों का कहर जारी

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Patna: बिहार के भागलपुर जिले को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जहां एक तरफ योजनाओं के लिये डीपीआर तैयार किया जा रहा वहीं दूसरी ओर सैकड़ों की संख्या में जुगाड़ गाड़ियां रोज सड़कों पर दौड़ रही हैं और शहर में प्रदूषण बढ़ रही है।

दरअसल, शहर में इन दिनों जुगाड़ गाड़ियों का कहर बदस्तूर जारी है, इन जुगाड़ गाड़ियों की वजह से आए दिन शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। जिससे आम लोगों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चे भी परेशान हैं। जुगाड़ गाड़ी पूरी तरह से अवैध वाहन की श्रेणी में आती है। साथ ही साथ भारी प्रदूषण फैलाने का कारण माना जाता है। परिवहन विभाग फिलहाल इस पर नियंत्रण लगाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। परिवहन विभाग के पदाधिकारी ने बताया कि एक चिट्ठी बिहार सरकार से जुगाड़ गाड़ियों पर रोकथाम को लेकर प्राप्त हुई थी, लेकिन गाड़ी चलाने वाले गरीबी मजदूर की रोजी-रोटी को देखते हुए प्रशासन ने इसे बहुत ज्यादा सख्ती से लागू नहीं किया।

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तो वहीं नतीजतन पूरे शहर में अच्छी खासी संख्या में जुगाड़ गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही है। आखिर कब तक जुगाड़ गाड़ी भागलपुर जैसे शहर की सड़कों पर दौड़ेगी। जुगाड़ गाड़ी प्रदूषण के साथ-साथ जाम जैसी समस्या के लिए भी पूरी तरह से जिम्मेदार है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर सरकार ऐसे अवैध वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने में असमर्थ क्यों हो जाती है। जुगाड़ गाड़ियां 40 से 5000 रुपये के आसपास आसानी से समान ढोने को तैयार हो जाती हैं। जिस हिसाब से दिन प्रतिदिन जुगाड़ गाड़ी की संख्या में इजाफा हो रहा है और व्यवसायियों के द्वारा जुगाड़ से सामान ढुलाई करवाया जा रहा है, ऐसी परिस्थिति में सरकार और पुलिस विभाग से लोग क्या उम्मीद कर सकते हैं। आखिर क्यों परिवहन विभाग मुख्यमंत्री के आदेश की तामील नहीं कर रही है।